194/2025, बाल कहानी - 19 नवम्बर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 
194/2025
19 नवम्बर 2025 (बुधवार)
#बाल_कहानी - #मेहनत_का_गुण
------------------------

गंगाराम एक छोटे से गाँव में रहता था। वह खेती-बाड़ी करके अपना जीवन-यापन करता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी और उसके दो पुत्र थे- मोहन और रोहन। उसके बुजुर्ग माता-पिता भी उसके साथ ही रहते थे। 
गंगाराम का छोटा पुत्र रोहन बचपन से ही आलसी था और बड़ा पुत्र मोहन बहुत ही मेहनती था। गंगाराम के दोनों पुत्र पढ़ने में ज्यादा हाशियार नहीं थे, फिर भी उसने अपने दोनों बच्चों की शिक्षा-दीक्षा का पूरा ध्यान रखा।
दोनों ने बारहवीं तक की पढ़ाई किसी तरह पूरी कर ली।
पढ़ाई में ज्यादा सफलता न मिलने पर गंगाराम ने बच्चों से खेती-बाड़ी कराने का निश्चय किया। पर उसे पता था कि उसका छोटा बेटा बहुत आलसी है। उसे कैसे मेहनत का गुण सिखाया जाए? इसके लिए उसने बेटे की परीक्षा लेने का निश्चय किया।
उसके पास चार बीघा जमीन थी। तीन बीघा जमीन उसकी बहुत उपजाऊ थी और एक बीघा जमीन कम उपजाऊ थी।
उसने अपने दोनों पुत्रों को अपने पास बुलाया और दोनों को एक-एक बीघा जमीन बाँट दी। और कहा कि, "वर्ष भर मेहनत करने पर जिसकी जमीन में ज्यादा खाद्यान्न उपजेगा, मैं बचा हुआ भूमि का भाग उसे ही दे दूँगा।"
छोटे पुत्र ने तुरन्त ही उपजाऊ वाला भाग अपने हिस्से में ले लिया, जबकि बड़े बेटे को बंजर भूमि का भाग मिला। बड़े बेटे ने खुशी-खुशी उस हिस्से को ले लिया। 
जहाँ छोटा बेटा आलस के कारण खेतों की कम देखभाल करता,
वहीं बड़ा बेटा दिन-रात खेतों में लगा रहता। उसके परिश्रम से बन्जर भूमि में भी खेत लहराने लगे। और उधर छोटे बेटे के आलस के कारण उसकी उपजाऊ भूमि में कम खाद्यान्न उपजा।
अब समय आ गया था जब
पिता ने दोनों बच्चों को अपने पास बुलाया। दोनों का खाद्यान्न तौला गया। छोटे बेटे के खेतों में बड़े भाई की तुलना में कम अनाज हुआ, जिस पर पिता ने उसे समझाया, "बेटा! मेहनत सबसे बड़ा गुण होता है, जिसका उदाहरण तुमने अपने भाई की मेहनत से सीख लिया होगा।"
रोहन की आँखें खुल चुकी थीं। उसे सारी बात समझ में आ गई थी कि मेहनत करके बन्जर भूमि में भी फसलें लहरा उठती हैं तथा उसने अपने पिता और भाई से वादा किया कि, "वह भी अब मेहनत के गुण को अपनायेगा और जीवन में सफलता प्राप्त करेगा।"

#संस्कार_सन्देश - 
हमें सदा मेहनत को अपनाना चाहिए। मेहनती व्यक्ति को हर जगह सफलता मिलती है और वह व्यक्ति जीवन में खूब उन्नति करता है।

कहानीकार-
#मृदुला_वर्मा (स०अ०)
प्रा० वि० अमरौधा प्रथम
अमरौधा (कानपुर देहात)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

Comments

Total Pageviews