203/2025, बाल कहानी- 01 दिसम्बर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 203/2025
*01 दिसम्बर 2025 (सोमवार)*
#बाल_कहानी - #तहसीलदार_साहब_की_सीख
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चुनाव आयोग का सभी राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एस०आई०आर० का कार्य तेजी से आरम्भ हुआ। एक माह के अन्तराल में सम्पूर्ण कार्य किया जाना है। मुझे बी०एल०ओ० के रूप में प्रा० वि० बेन्दा डांडा तहसील- सरीला में नई तैनाती दी गयी, जबकि मेरी पोस्टिंग बतौर स०अ० प्रा० वि० बौखर में थी। बौखर गाँव से बेन्दा डांडा गाँव के मध्य की दूरी लगभग चार किमी की थी। बेन्दा डांडा गाँव जाने के लिए आज भी यातायात के साधनों का अभाव है।
बी.एल.ओ. के रूप में कार्य करने के लिए बेन्दा डांडा एक दिलचस्प और नई जगह थी। बेन्दा गाँव बेतवा नदी की तलहटी के किनारे बसा हुआ है। यहाँ की अधिकाँश भूमि ऊबड़-खाबड़ और असमतल है। यहाँ शिक्षा का बहुत ही अभाव है, इसीलिए रोजगार हेतु यहाँ की अधिकांश आबादी दिल्ली जैसे शहर के लिए पलायन कर जाती है। 
अब ऐसी जगह पर कार्य करना कठिन प्रतीत हो रहा था। वहाँ कार्य करने को मेरा मन नहीं कर रहा था। लगभग पन्द्रह दिन निकल जाने के बाद डिजिटाइजेशन का कार्य शून्य रहा। समीक्षा बैठक में लापरवाही के कारण मुझे एस० डी० एम० सर द्वारा डाँटने के साथ-साथ वेतन अवरुद्ध करने की चेतावनी दी गई। मैं परेशान हो गया। तभी तहसीलदार सरीला श्री मान् राममोहन कुशवाहा जी मेरे पास आये और तसल्ली देते हुये कहा कि, "तुम इस कार्य को बहुत आसानी से कर सकते हो। बस, मन में कार्य के प्रति लगन, ईमानदारी और निष्ठा होनी चाहिए तो कोई भी कार्य असम्भव नहीं है। बस मन में कार्य करने के प्रति सच्ची भावना होनी चाहिए। तुम शुरुआत करो तो सही.."
मेरे अन्दर विश्वास जागा। मुझे लगा कि अब तो मैं यह कार्य कर लूँगा। फिर बेन्दा गाँव में एक एक मतदाता के घर जा-जाकर कार्य करना आरम्भ किया। लगातार लगन व मेहनत से एक सप्ताह के अन्दर चुनाव आयोग के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य को शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन करके सिद्ध कर दिखाया कि कार्य करने के प्रति बस सच्ची लगन व मेहनत होनी चाहिए। इतने कम समय में अच्छे कार्य से निर्वाचन कार्यालय सरीला के कर्मचारी खुश थे।
अगले दिन मुझे तहसील सभागार में उत्कृष्ट बी०एल०ओ० के रूप में कार्य करने हेतु तहसीलदार सर द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। मैं बहुत खुश था । मुझे लगा कि तहसीलदार साहब की उस दिन की सीख ने मुझे अन्दर से बिल्कुल बदल दिया।

#संस्कार_सन्देश - 
कोई भी कार्य कठिन नहीं होता बस कार्य करने के प्रति मन में लगन, ईमानदारी और निष्ठा का भाव होना चाहिए, जो असम्भव कार्य को भी सम्भव बनाया जा सकता है।

कहानीकार-
#मिथुन_भारती (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय बौखर
वि०क्षे० सरीला, हमीरपुर (उ०प्र०)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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