193/2025, बाल कहानी- 18 नवम्बर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 193/2025
18 नवम्बर 2025 (मंगलवार)
#बाल_कहानी - #प्रिया
---------------------
किसी गाँव में प्रिया नाम की एक लड़की रहती थी। प्रिया पढ़ाई में बहुत अच्छी थी और नियमित रूप से विद्यालय जाती थी। वह एक अत्यन्त गरीब और अशिक्षित परिवार से थी। उसकी माँ बोल नहीं पाती थीं, इसलिए लोग अक्सर उनका मजाक उड़ाते और परेशान करते। प्रिया के बाबा मजदूरी करते थे और बड़ी मुश्किल से घर का गुज़ारा चलता था।
एक दिन प्रिया के बाबा की तबियत बहुत खराब हो गई। उनके सिर में लगातार तेज़ दर्द रहने लगा। जाँच कराने पर पता चला कि उन्हें ब्रेन ट्यूमर है। इलाज कराने के बाद भी उनकी जान बच नहीं पाई और उनका निधन हो गया।
बाबा के जाने के बाद प्रिया और उसकी माँ बिल्कुल अकेली पड़ गई। रिश्तेदारों ने भी उनका साथ देने के बजाय उन्हें परेशान किया और घर से निकालने तक की कोशिश की।
गहरे दु:ख के बाद भी प्रिया ने ठान लिया कि अब वह मन लगाकर पढ़ाई करेगी और अपनी जिन्दगी बदलकर दिखायेगी। उसने कठिनाइयों का डटकर सामना किया, कभी हार नहीं मानी और निरन्तर मेहनत करती रही।
आखिरकार एक दिन उसकी मेहनत रंग लाई। प्रिया एक दिन अफसर बनकर अपने गाँव लौटी। जिन रिश्तेदारों ने कभी उसे और उसकी माँ को तंग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, वही लोग अब अपने काम निकलवाने के लिए प्रिया के पीछे-पीछे घूमने लगे। सच है, सफलता ही इन्सान की सच्ची पहचान होती है।
#संस्कार सन्देश -
हमें किसी भी बुरे बर्ताव का जवाब झगड़ा करके नहीं, बल्कि अपनी सफलता से देना चाहिए।
कहानीकार
#रुखसार_परवीन (स०अ०)
संविलयन विद्यालय गजपतिपुर
बहराइच (उ०प्र०)
✏️संकलन
📝टीम#मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
Comments
Post a Comment