अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार दिवस

आओ बच्चों तुम्हें अधिकार बताएँ,

संपूर्ण जानकारी तुम्हें आज कराएँ।

हनन ना कर पाए कोई कभी,

पालकों को भी अवगत कराएँ।।


शिक्षा और स्वास्थ्य है प्रमुख अधिकार,

इनसे नहीं कभी कोई इनकार।

लड़का लड़की दोनों हैं एक समान,

समय-समय पर मिले प्रोत्साहन।।


सुरक्षा का अधिकार तुम्हें मिला है,

खेल खेलने में भी ना गिला है।।

बाल श्रम अब कानूनन अपराध है,

भोजन मिले भरपेट अधिकार मिला है।।


अपनी बात कहने की पूरी आजादी है,

निडरता से रहने का तुमको बनना आदी है।

निशक्तों को विशेष सुरक्षा मिलेगी,

असुरक्षा से जीवन की नहीं बर्बादी है।।


बाल संरक्षण जरूरी है सबको समझाना है,

जग को  ये बाल अधिकार मनवाना है।

भविष्य की पौध ये बच्चे ना सूख पाएँ,

विकसित देश का सपना हमें पूर्ण करना है।।


रचयिता
नम्रता श्रीवास्तव,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बड़ेह स्योढ़ा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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