संकट छाया है

संकट छाया है भारत में,
कोरोना ने पाँव पसारा।
कोरोना ने छीन लिया है,
अमन चैन सुख सारा।।

अपील यही है सब लोगों से,
भीड़-भाड़ में मत जाओ।
घर में रहकर के स्वयं ही,
अपनी जान बचाओ।।

लॉक डाउन हो रहा देश में,
गरीबों की हालत पस्त हुई।
कोरोना से भी अब ज्यादा,
भूख से इनकी शिकस्त हुई।।

भूखे लोगों को यदि देखो,
मदद करने को बढाओ हाथ।
संकट की इस घड़ी में तुम,
मानव हित में उनका देना साथ।।

रचयिता
अशोक कुमार,
सहायक अध्यापक,
कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय रामपुर कल्याणगढ़,
विकास खण्ड-मानिकपुर,
जनपद-चित्रकूट।

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