शिक्षा के प्रहरी

हे शिक्षा के सजग प्रहरी!
आज अभी से कलम उठायें।
अन्दर आपके शक्ति कितनी?
इस दुनिया में अभी दिखायें।।
    आप जागोगे, होगा तभी सवेरा।
    सो जाने पर हो जायेगा अंधेरा।
   जाग जाओ आप आज अभी से,
   नव प्रभात का हर्ष हो सभी में।।
आपके बदलने से ही युग में,
नव जोश और उमंग आयेगा।
बहेगी चहुँओर प्रेम की धारा,
लोगों को नया प्रसंग मिलेगा।।
      भटके हुए पथिक को आप,
      नित नया मार्ग दिखलायें।
      नव विहान लाकर जीवन में,
     जन-जन के मन में छा जायें।।
हे शिक्षा के सजग प्रहरी!
 आज अभी से कलम उठायें।

रचयिता
रवीन्द्र शर्मा,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बसवार,
विकास क्षेत्र-परतावल,
जनपद-महराजगंज,उ०प्र०।

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