३२८~ विभा चौधरी प्रा०वि० मौहारी, रूपईडीह, गोण्डा

🏅अनमोल रत्न🏅

मित्रों आज हम आपका परिचय मिशन शिक्षण संवाद के माध्यम से जनपद- गोण्डा से अनमोल रत्न शिक्षिका बहन विभा चौधरी जी से परिचय करा रहे हैं। जिन्होंने अपनी सकारात्मक सोच और समर्पित व्यवहार कुशलता से अपने विद्यालय को आकर्षक बनाते हुए शिक्षा एवं सामाजिक विश्वास का केन्द्र बना दिया है जो हम सभी के लिए प्रेरक और अनुकरणीय है।

आइये देखते हैं आपके द्वारा किए गये कुछ प्रेरक और अनुकरणीय प्रयासों को:-

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नाम- विभा चौधरी
पद- सहायक अध्यापिका
विद्यालय का नाम- प्रा०वि० मौहारी
विकास खण्ड- रूपईडीह
जनपद- गोण्डा

सामान्य परिचय- मेरी नियुक्ति 18 नवम्बर-2015 को बतौर सहायक अध्यापक प्रा०वि० मौहारी रूपईडीह गोण्डा में हुई। जो गोण्डा मुख्यालय में 18 किमी दूर है।

विद्यालय का प्रारम्भिक स्वरूप- मेरी नियुक्ति के समय विद्यालय का भौतिक एवं शैक्षिक माहौल अत्यन्त खराब स्थिती में था। नामांकन के सापेक्ष बच्चों की बहुत ही कम उपस्थिती रहती थी। विद्यालय में बच्चों का ठहराव न के बराबर था।

विद्यालय का परिवेश अत्यन्त जीर्ण शीर्ण अवस्था में था। पूरे विद्यालय की फर्श टूटी थी। खिड़कियों में पल्ले नहीं थे। विद्यालय गेट विहीन था। कुल मिलाकर ये विद्यालय मुझे अत्यन्त खराब स्थिति में मिला था। जिसमें मेरे सामने बहुत सी चुनौतियां थी। मुझे शून्य से शुरूआत करनी थी।

👉किये गये प्रयास-

सबसे पहले मैंने बच्चों के विद्यालय न आने का कारण पता करना शुरू किया। इसके लिए मैं गांव में अभिभावकों से मिलने गई। बात चीत के दौरान अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय में शिक्षा ठीक प्रकार से नहीं मिलती है इसलिए बच्चों का ठहराव विद्यालय में नहीं होता है और बच्चे विद्यालय जाने से करताते हैं।

उसी दिन तो मैंने ठान लिया कि बदलाव तो जरूर लाना है।


दूसरे ही दिन मैंने कुछ शिक्षण सामग्री विद्यालय लेकर गई और बच्चों को बुलाने गांव गई, जो भी बच्चे विद्यालय आये उनको प्रार्थना राष्ट्रगान पीटी आदि करवाकर खेल खेल में ही शिक्षा देने का प्रयास करने लगी। उनको गतिविधि आदि करवाकर विद्यालय के प्रति आकर्षित करने लगी। धीरे-धीरे बच्चों का मन विद्यालय से जुड़ने लगा और में लगातार अभिभावकों से सम्पर्क बनाती रही। उनको विद्यालय में भेजने के लिए प्रेरित करती रही।

📋विद्यालय में किये गये प्रयासः-

👉·सबसे पहले पूरे विद्यालय की फर्श एवं शौचालय बनवाया और सभी खिडकियों में पल्ले लगवाये।

👉·विद्यालय का मुख्य द्वार पर गेट लगवाया साथ ही भव्य प्रवेश द्वार बनवाया।

👉·विद्यालय के बंद पड़े कमरे में एक बाल पुस्तकालय की स्थापना की तथा लर्निग कार्नर बनाया।

👉·बच्चों के सहयोग से विभिन्न प्रकार के टी०एल०एम० तथा माडल बनाया एवं विभिन्न प्रकार के सजावटी कलाकृतियां बनाकर कक्षा-कक्ष को सजाया।


👉·विद्यालय में सभी महापुरूषों के जन्मदिवस एवं दीवाली में, बाल मेला तथा समर कैम्प का आयोजन किया जाता है।

👉·बच्चों को आई०सी०टी० के माध्यम से शिक्षा दी जाती है। जिसके लिए क्यू०आर० कोड के प्रयोग द्वारा डिजिटल पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।

👉·इसके अलावा विद्यालय के स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर और लैपटाप के माध्यम से शिक्षा दी जाती है।

👉·बच्चों के लिए बाल संसद की स्थापना, स्कूल स्टेशनरी बैंक, स्टार ऑफ द डे, स्टार ऑफ द वीक, स्टार ऑफ द मंथ तथा समय-समय पर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिता कराकर सम्मानित किया जाता है।

👉·विद्यालय का भौतिक परिवेश सुदृढ करने के लिए आकर्षक वाल पेंटिग तथा सुन्दर एवं आकर्षक क्यारियों का निर्माण कराया गया।


👉·अभिभावकों के साथ प्रतिमाह बैठक एवं आने वाले बच्चों के अभिभावकों से सम्पर्क नियमित रूप से किया जाता है।

📋विद्यालय की सामूहिक एवं व्यक्तिगत उपलब्धियाः-

👉·प्रा०वि०मौहारी के बच्चों को न्याय पंचायत स्तर एवं ब्लाक स्तर पर खेल एवं सास्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पुरस्कृत किया गया।

👉·नामांकन 132 के सापेक्ष लगभग 90 प्रतिशत तक उपस्थिती रहती है।

👉·विद्यालय से तीन बच्चों का चयन राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के लिए हुआ।

👉·विद्यालय द्वारा ब्लाक एवं जनपद स्तर टी०एल०एम० और माडल प्रदर्शनी में प्रतिभाग किया।

👉·विद्यालय में नवाचार के लिए मुझे प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा और ए०आई०पी०टी०एफ० द्वारा और बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा व गोण्डा महोत्सव में 02 बार जिलाधिकारी महोदय से मुझे सम्मानित किया गया।

👉·विद्यालय का भौतिक एवं शैक्षिक परिवेश अब बहुत ही सुदृढ रूप में स्थापित हो चुका है।

👉·विद्यालय को विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा प्रा०वि० मौहारी साइंस क्लब की मान्यता प्रदान की गई।

👉·रोटरी क्लब द्वारा 03 पंखे उपहार स्वरूप प्रदान किया गया।

प्रेरक संदेश- परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।


संकलन: भोला प्रसाद यादव
मिशन शिक्षण संवाद गोण्डा

नोट:- आप अपने मिशन परिवार में शामिल होने, आदर्श विद्यालय का विवरण भेजने तथा सहयोग व सुझाव को अपने जनपद सहयोगियों को अथवा मिशन शिक्षण संवाद के वाट्सअप नम्बर-9458278429 & 7017626809 और ई-मेल shikshansamvad@gmail.com पर भेज सकते हैं।

साभारः
टीम मिशन शिक्षण संवाद
22-05-2019

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