६१२~ अनमोल रत्न राम स्वरूप प्राथमिक विद्यालय धौरहरा विकास खंड मुजेहना जनपद गोंडा उत्तर प्रदेश
🏅#अनमोल_रत्न🏅
👉1- शिक्षक का नाम : राम स्वरूपपद : प्रधानाध्यापक
विद्यालय का नाम : प्राथमिक विद्यालय धौरहरा विकास खंड मुजेहना जनपद गोंडा उत्तर प्रदेश।
प्रथम नियुक्ति : 01/07/2011
वर्तमान विद्यालय में नियुक्ति :13/03/2015
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👉2- विद्यालय को उत्कृष्ट बनाने के प्रयास:
A- स्वयं के प्रयास से : प्रार्थना सभा, विद्यालय परिवेश, विद्यालय के भौतिक संसाधन,
B- अपने शिक्षक साथियों को लगातार प्रेरित कर/ उनका सहयोग लेकर
👉3- किये गए प्रयासों का परिणाम :-
A- 2 किमी के दायरे में 2 प्राइवेट इंटरकालेज व दो परिषदीय विद्यालय होने के बावजूद लगातार नामांकन में वृद्धि और ठहराव में वृद्धि।
B- 90 से 95% के मध्य बच्चों की उपस्थिति रहती है।
C- नवोदय विद्यालय में विद्यालय से चयनित बच्चों की संख्या- 01
👉4 A- विद्यार्थियों की उपलब्धियां :- त्रिस्तरीय चयन (विद्यालय, न्याय पंचायत, ब्लाक स्तर से होकर) ब्लाक स्तर पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में विद्यालय के बच्चे को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।बी एस ए महोदय गोंडा द्वारा सम्मानित किया गया।
B- नवोदय प्रवेश परीक्षा में विद्यालय से 01बच्चे का चयन हो चुका है। एक बच्चा विद्याज्ञान प्रवेश परीक्षा में चयनित हुआ।
C- प्राथमिक विद्यालय धौरहरा निपुण विद्यालय बन चुका है।
👉5- विद्यालय की प्रेरक शिक्षण, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं खेलकूद गतिविधियां:- विभागीय निर्देशों के अनुसार कक्षा आवंटन/दायित्व विभाजन कर परिणाम आधारित शिक्षण व्यवस्था पर फोकस, शनिवार को रोचक गतिविधियों, खेलों, राष्ट्रीय पर्व/जयंतियों पर सांस्कृतिक आयोजनों से विद्यालयी शिक्षा को बाल केंद्रित बनाने की लगातार कोशिश जारी है।
👉6. शिक्षकों और विद्यालय की उपलब्धियां:-
A- शिक्षकों के स्वयं के सृजित नवाचारों का विवरण:-
1- रोचक प्रार्थना असेंबली :- बच्चों की 90% उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रार्थना सभा में साउंड, माइक, ड्रम के साथ नित्य 6 दिन की अलग-अलग प्रार्थना 6 अलग-अलग प्रेरणा गीत, तीन दिन हिंदी में 3 दिन अंग्रेजी में देश की प्रतिज्ञा, अलग-अलग छात्र समूह के द्वारा कराया जा रहा है, साथ ही प्रार्थना सभा में सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी बच्चों और शिक्षकों द्वारा नित्य होती है। प्रार्थना सभा में ही बच्चों की उपस्थित लेकर अनुपस्थित बच्चों के माता-पिता को शिक्षक द्वारा छात्र उपस्थिति पंजिका में दर्ज मोबाइल नंबर पर फोन करके बच्चे को विद्यालय भेजने के लिए अभिभावक से कहा जाता है, साथ ही बच्चों की बुलावा टोली लक्षित बच्चों के घर पर भेजी जाती है। रोचक गतिविधियों, रोचक कक्षा शिक्षण, खेल, नृत्य के आयोजनों, विभिन्न प्रतियोगिताओं, प्रतिस्पर्धात्मक माहौल से बच्चे उत्साहित होकर नित्य विद्यालय आते हैं। बच्चों में अपने माता-पिता गुरुजनों के प्रति आदर भाव की शिक्षा विद्यालय प्रदान करता है जिससे शिक्षक टीम धौरहरा की प्रशंसा विद्यालय स्तर, न्याय पंचायत स्तर, विकासखंड व जनपद स्तर पर भी होती है। विद्यालय में बाल संसद व विद्यार्थी परिषद क्रियाशील है। प्रत्येक माह के अंत में मासिक परीक्षा आयोजित कर मॉनिटर्स व विद्यार्थी परिषद के सदस्यों का चयन किया जाता है। बच्चे ही नेतृत्व करते हुए अपने विद्यालय को 'सुंदर विद्यालय- स्वच्छ विद्यालय के' रूप में स्थापित करने के लिए रसोईया संग सहयोग करते नजर आते हैं। विद्यालय स्तर पर शिक्षक अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप (इस ग्रुप पर शिक्षक, ग्राम प्रधान, रसोईया,कोटेदार, ग्रामीण अभिभावक, विकास खंड के ए आर पी, जनपद के एस आर जी, सभी समाचारपत्र के मीडिया साथी भी जुड़े हुए हैं) जिस पर विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियां, मिशन शिक्षण संवाद के जरूरी कंटेंट्स व शैक्षिक समाचार तथा अभिभावकों के हित में जरूरी अपडेट्स को शेयर किया जाता है। बच्चों के जन्मदिन व विशेष गतिविधियों की शेयरिंग भी की जाती है जिससे अभिभावकों व बच्चों का जुड़ाव विद्यालय से बना रहता है।
2- निपुण लक्ष्य हासिल कर चुके बच्चों को असेंबली में निपुण विद्यार्थी स्टार बैज से सम्मानित करना व व्हाएट्सेप ग्रुप व सोशल मीडिया पर शेयर करना।
3- लिंगभेद समाप्त करने व विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति बरकरार रखने व रोचकता कायम रखने के मकसद से बच्चों के जन्मदिन मनाये जाते हैं व सोशल मीडिया पर प्रधानाध्यापक द्वारा शेयरिंग की जाती है।
4- स्कूली यूनिफॉर्म में सभी बच्चों की अनिवार्य उपस्थिति केवल जन्मदिन वाले बच्चों को छूट दी जाती है।
5- प्रधानाध्यापक के प्रयास से बच्चे विद्यालय की आई डी, निपुण बैज व बेल्ट धारण करते हैं।
6- प्रत्येक बच्चे को काले जूते पहनकर विद्यालय आना अनिवार्य किया। जूते बदल जाने, गायब होने व तीन अंकीय संख्या की पहचान के मकसद से बच्चों के जूतों के बैकसाइड पर परमानेंट व्हाइट मार्कर से उनकी कक्षा और रोल नंबर को मिलाकर तीन अंकीय संख्या लिख दी गई है। यथा १०१,२०३,३१५,४२४,५३२ जिससे बच्चों के जूते न गायब होते हैं न ही आपस में बदलते हैं और अभिभावक भी सहज होकर नित्य जूते पहनाकर अपने बच्चों को विद्यालय भेजते हैं।
7- विद्यालय में सुबह की तरह शाम की भी नित्य असेंबली आयोजित होती है जिसमें गिनती, पहाड़े, दिन में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण दिवसाधिकारी शिक्षक द्वारा किया जाता है। प्रेरक गीत के साथ असेंबली व शिक्षण दिवस का समापन होता है। प्रत्येक बालक बालिका अपने माता-पिता और गुरू को चरणस्पर्श/यथोचित अभिवादन करते हैं।
8- बच्चों के नियमित आकलन के लिए मार्निंग असेंबली (45 मिनट का), साप्ताहिक, मासिक मौखिक व लिखित टेस्ट का आयोजन, बच्चों और अभिभावकों से परिणामों की शेयरिंग व सुधार के लिए अपील तथा विद्यालय स्तर पर नित्य ऐसे बच्चों की एक शिक्षक लगाकर रेमेडियल व नवोदय कक्षा की विगत तीन माह से लगातार 2 घंटे की विशेष कक्षा नित्य संचालित करवा रहे हैं।
9- विद्यालय "निपुण विद्यालय बन" चुका है, जनपद के अन्य विद्यालय व जनमानस को सकारात्मकता से प्रेरित करने के लिए अनुभवों/गतिविधियों की शेयरिंग प्रधानाध्यापक द्वारा व्हाट्सएप व फेसबुक पर लगातार की जाती है।
B- शिक्षकों के विभिन्न सम्मानों एवं पुरस्कारों का विवरण:-
राम स्वरूप 'प्रधानाध्यापक' प्राथमिक विद्यालय धौरहरा मुजेहना जनपद गोंडा को जनपद स्तर पर सीडीओ मैम गोंडा व बी०एस०ए महोदय गोंडा द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार- 2023, बी०ई०ओ० मुजेहना व मा०विधायक मेहनौन द्वारा विद्यालय को निपुण बनाने हेतु प्रशस्ति/प्रशंसा पत्र व एडुलीडर्स यूपी सम्मान (वाराणसी)2023 से सम्मानित किया गया है।
C- शिक्षकों की अन्य उपलब्धियां:-
प्रधानाध्यापक का अपने शिक्षक स्टाफ, विद्यार्थियों, रसोईया, अभिभावक, अध्यक्ष व विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों, ग्राम प्रधान, कोटेदार, न्याय पंचायत,विकास खंड व जनपदीय शिक्षकों व शिक्षा अधिकारियों के साथ स्नेह पूर्ण व मैत्रीपूर्ण समन्वय व संबंध हैं ।
👉7- मिशन शिक्षण संवाद के लिए सुझाव या संदेश:
बेसिक शिक्षा के उन्नयन हेतु विभिन्न शैक्षिक नवप्रयासों की आप/ आप के समूह द्वारा कोरोना काल खंड से अद्यतन जारी रखने के लिए नवोन्मेषी ऊर्जा व लगन की मैं भूरि भूरि प्रशंसा करता हूं तथा टीम मिशन शिक्षण संवाद के कर्मठ , लगनशील व कर्तव्यनिष्ठ साथियों को कृतज्ञ प्रणाम व आभार निवेदित करता हूं क्योंकि आपके सत्प्रयासों ने करोड़ों विद्यार्थियों, लाखों शिक्षकों व अभिभावकों को नयी ऊर्जा, ज्ञानार्जन व सामूहिकता की प्रेरणा दी है।मेरा कृतज्ञ नमन व सादर प्रणाम आप व आपकी टीम को 💐💐💐🌹🌹🙏🙏🙏🙏🙏 राम स्वरूप भास्कर (प्रधानाध्यापक) प्राथमिक विद्यालय धौरहरा, ग्राम पंचायत- विश्वम्भरपुर न्याय पंचायत- महेशभारी, विकासखंड- मुजेहना, जनपद- गोंडा, उत्तर प्रदेश।
👉8. शिक्षक समाज के लिए सुझाव व संदेश :-
कर्तव्य निष्ठ रहकर व टीम भावना के साथ लगातार सकारात्मक दृष्टिकोण रखकर अपने विद्यार्थियों के प्रति स्नेह भाव रखकर उनके शैक्षिक उत्थान व विभागीय निर्देशों के अनुरूप काम करते हुए विद्यालय व बेसिक शिक्षा की छवि को सुधारने/चमकाने के मकसद से लगातार सोशल मीडिया का सहारा लिया जाना चाहिए।
👉9.संकलन एवं सहयोग:-
बलिजीत सिंह कनौजिया
मिशन शिक्षण संवाद परिवार गोंडा)












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