76/2026, बाल कहानी- 27 अप्रैल

#दैनिक-नैतिक-प्रभात- 76/2026
*27 अप्रैल 2026 (सोमवार)*
#बाल_कहानी - एक मछली और तालाब
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एक बार की बात है, एक तालाब में कई मछलियाँ रहती थीं। उसी तालाब में एक मछली थी, जिसका नाम चंपा था। चंपा बहुत ही चालाक और झगड़ालू स्वभाव की थी। तालाब की सभी मछलियाँ उससे परेशान रहती थीं।
वहीं दूसरी ओर पन्ना नाम की एक मछली थी। पन्ना बहुत ही सरल और मिलनसार थी। वह सबकी मदद करती थी, इसलिए तालाब की सभी मछलियाँ उसे बहुत पसन्द करती थीं। उसके कुछ खास दोस्त भी थे, जो हमेशा साथ रहते, हँसते-बोलते और खुश रहते थे।
चंपा को यह सब बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था। वह पन्ना और उसके दोस्तों से जलती थी। अपनी ईर्ष्या के कारण उसने तालाब की छोटी-छोटी मछलियों को, जो अभी तैरना सीख रही थीं, बहकाना शुरू कर दिया।
चंपा उन भोली-भाली मछलियों को पन्ना के खिलाफ भड़काने लगी। उसने उन्हें पन्ना और उसके दोस्तों की जासूसी करने के लिए लगा दिया। वह उनके भोलेपन का फायदा उठाकर धीरे-धीरे सबके मन में ज़हर भरने लगी।
कुछ ही दिनों में तालाब का माहौल बदल गया। छोटी मछलियाँ, जो पहले पन्ना से प्यार करती थीं, अब उसकी दुश्मन बन गईं।
एक दिन तालाब के सबसे बूढ़े और समझदार कछुए ने यह सब देखा। उसने सभी मछलियों को इकट्ठा किया और सच्चाई सामने लाने को कहा। जब छोटी मछलियों से पूछा गया तो उन्होंने सारा सच बता दिया कि चंपा उन्हें बहका रही थी।
यह सुनकर सभी मछलियाँ हैरान रह गईं। उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ। सभी ने पन्ना से माफी माँगी।
चंपा को अपनी गलती का बहुत पछतावा हुआ। उसने भी सबके सामने माफी माँगी और वादा किया कि, "अब वह कभी किसी के बीच फूट नहीं डालेगी।"
इसके बाद तालाब में फिर से खुशी और शान्ति लौट आई।

#संस्कार_सन्देश -
एक बुरी सोच या बुरा व्यक्ति पूरे वातावरण को खराब कर सकता है इसलिए हमें हमेशा सच और अच्छाई का साथ देना चाहिए।   

कहानीकार-
#रुखसार_परवीन (स०अ०)
उच्च प्राथमिक विद्यालय गजपतिपुर
बहराइच (उत्तर प्रदेश)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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