69/2026, बाल कहानी- 18 अप्रैल
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 69/2026
*18 अप्रैल 2026 (शनिवार)*
#बाल_कहानी- #अंजीर_का_पेड़
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कुछ साल पहले की बात है, मुझे रास्ते में एक छोटा-सा पौधा मिला, जिसे मैं और मेरा बेटा घर लेकर आये। पौधे को दरवाजे के बाहर लगा दिया। पौधा बड़ा होता गया। उसके पत्ते काफी बड़े थे। देखते ही मन प्रसन्न होता था। बच्चे बड़े हो रहे थे, साथ में यह अंजीर का पेड़ भी बच्चों की तरह बढ़ रहा था। उसे पर छोटे-छोटे अंजीर आने लगे। हवा शीतलता प्रधान करता था। गर्मी में फेरी वाले आते तो उसके नीचे बैठ जाते थे। धूप के कारण आज यह पेड़ बहुत बड़ा हो गया है। बेटे ने कहा कि, "मम्मी! इस पेड़ को कभी काटना नहीं।" वह इस पेड़ से बहुत प्यार करता था।
अचानक बेटा मेरा खत्म हो गया। सभी ने कहा कि, "अपने दरवाजे पर यह अंजीर का पेड़ लगाया है, इसको हटा दीजिए! यह शुभ नहीं है।"
मैंने कहा, "इस पेड़ में बेटे की यादें हैं। इस पेड़ का क्या कसूर है? यह तो सभी को शीतलता प्रदान करता है।"
आज हम बरामदे में बैठे हुए थे। देखा कि उसे पर छोटे-छोटे अंजीर आ रहे हैं और हरे पत्ते हिल रहे थे। ठण्डी-ठण्डी हवा आ रही थी और सबसे खुशी की बात कि इस पर पक्षियों का डेरा है। दीवार पर हम चावल और पानी रख देते हैं। गौरैया चिड़िया बड़ी चाव से खाती है और पेड़ पर बैठी है, झूलती है। बन्दर अंजीर बड़े चाव से खाते हैं। इस पेड़ की वजह से पूरे घर में शीतलता रहती है। जो पेड़ जानवरों को, पक्षियों को खाना देता है हम मनुष्यों को हवा और छाया देता है, वह पेड़ अशुभ नहीं हो सकता क्योंकि पेड़ बेटे का जन्म होता है और जिस पेड़ से हमको खुशियाँ मिलती हैं, छाया मिलती है, फल मिलते हैं, ऐसे पेड़ को घर के आँगन में या घर के बाहर जरूर लगायें। इसी बात को जब मैंने अपने स्कूल के बच्चों को बताया और कहा, "यदि आपको रास्ते में कोई पौधा मिलता है, उसको अच्छी जगह और सुरक्षित जगह पर जरूर लगाना।" सभी बच्चों ने 'हाँ' कहा। घर आकर मैंने अपने पड़ोसियों को बुलाया, जिन्होंने कहा था कि, "यह गुलर की प्रजाति का पौधा है, जो अशुभ है। उनको इस पेड़ की महिमा को बताया क्योंकि जिस पेड़ पर पंछी बसेरा करते हैं, जो पेड़ उनका लालन-पालन करता है, हम सभी को शीतल हवा देता है छाया देता है, उसके नीचे बैठकर हम गर्मी में आराम करते हैं। ऐसा पेड़ सभी के दरवाजे पर होना बहुत जरूरी है।" सभी ने मेरी बात को माना और 'हाँ' कह दिया। आज मुझे बहुत खुशी हुई कि मेरे बेटे के द्वारा लगाया पेड़ सभी को अच्छा लगा। जो बेटे की कमी को महसूस नहीं होने देगा। सविनय संकल्प लिया था एक पेड़ लगाने का।
#संस्कार_सन्देश -
हमें एक ऐसा पेड़ लगाना चाहिए, जिस पर पक्षी बसेरा कर सकें। पेड़ सबके लिए जीवनदायिनी आक्सीजन देता है।
कहानीकार-
#पुष्पा_शर्मा (शि०मि०)
पी० एस० राजीपुर, अकराबाद
अलीगढ़ (उ०प्र०)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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