67/2026, बाल कहानी- 16 अप्रैल

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 67/2026
*16 अप्रैल 2026 (गुरुवार)*
#बाल_कहानी - चिड़िया और चिरोटा
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एक दिन मैं बरामदे में बैठी हुई थी। घर के बाहर अंजीर और खजूर का और लाल फूलों वाले पेड़ लगे हुए हैं। पतझड़ के बाद नई कोपलें निकलीं और पत्ते आने लगे। 
एक गौरैया चिड़िया का जोड़ा दीवार पर आकर बैठ गया। वह भूखा-प्यासा लग रहा था। जल्दी से मैंने एक कटोरी में पानी रख दिया और थोड़े से चावल रख दिए। वह दोनों बहुत खुश हुए और जल्दी-जल्दी खाने लगे। जाते-जाते अपनी चोंच में कुछ चावल के दाने ले गये। हम बाहर ही बैठे हुए थे। कुछ देर बाद वह वापस आये और चावल खाते और चोंच में भरकर उड़ जाते थे। 
एक-दो दिन बाद हमने देखा कि वह घोंसला बनाने की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि तिनका उनकी चोंच में था। उन दोनों ने रोशनदान में घोंसला बनाने की तैयारी कर ली थी। माता-पिता मनुष्य में ही नहीं, पंछियों में भी होते हैं, यह हमने जाना और उनकी सहायता करने की चाह मन में ठान ली। हमारे पुराने सोफों में जूट भरा हुआ था। उसमें से कुछ निकाल कर हमने दीवार पर रख दिया। यह दोनों उसको देखकर बहुत खुश हो गए और अपना घोंसला बनाने लगे। दो-तीन दिन के बाद हमने देखा कि बहुत सारी चिड़िया पेड़ पर बैठी हुई थीं। उनकी चेचहाट इतनी सुन्दर लग रही थी क्योंकि पक्षियों को रहने के लिए और खाने के लिए जिस स्थान पर मिल जाता है, वह वहीं पर बसेरा कर लेते हैं। मेरे यहाँ पर दो कुत्ते भी रहते हैं। 
एक दिन हम अपने कुत्ते का खाना बरामदे में रखकर खिला रहे थे, तभी एक चिड़िया ने देखा और और उसमें से पका हुआ चावल खाने लगी मानो उनको कच्चे चावल से ज्यादा पका चावल अच्छा लगा। जब कुत्ता अपना खाना खाकर अन्दर चला गया, तब प्लेट में बचा हुआ जो चावल था, हमने दीवार पर रख दिया। कुछ देर में ही इतना बढ़िया नजारा देखने को मिला कि बहुत सारी चिड़िया बड़े शौक से खा रही थीं, पानी पी रही थीं। इस तरह आज बहुत सारी चिड़ियाँ पेड़ पर गुञ्जन करती रहती हैं। क्या चिड़िया चिरोटा अपने बच्चों को खाना खिलाते हैं? इनको देखकर बहुत प्रसन्नता होती है। मैंने स्कूल में यह सारी बातें अपने बच्चों को भी बतायीं और उन सभी से अपने घर के कोने में दाना और पानी रखने को कहा। सभी बच्चों ने अपने घर जाकर ऐसा ही किया। उनको बहुत अच्छा लगा क्योंकि गोरिया चिड़िया बहुत समझदार होती है और अपनी चहचहाहट से पर्यावरण को संगीत देती है।

#संस्कार_सन्देश - 
हमें अपने घर में एक वृक्ष जरूर लगाएँ और वृक्ष के नीचे खाना और पानी पक्षियों के लिए जरूर रखें। यह सबसे बड़ा पुण्य का काम है। इससे मन को प्रसन्नता मिलती है।

कहानीकार- 
#पुष्पा_शर्मा (शि०मि०)
पी एस राजीपुर अकराबाद
ब्लाॅक- अकराबाद, अलीगढ़

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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