72/2026, बाल कहानी- 22 अप्रैल

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 72/2026
*22 अप्रैल 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी - #मनकों_का_रहस्य
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बहुत समय पहले हड़प्पा नाम के एक सुन्दर नगर में गोपाल नाम का एक जिज्ञासु बालक रहता था। एक दिन वह अपने पिता के साथ बाजार गया। वहाँ उसने रंग-बिरंगे मनके देखे- लाल, नीले, हरे और चमकदार। उसने आश्चर्य से पूछा, “पिताजी! ये मनके कौन बनाता है?” पिता ने बताया कि, "नगर के कुशल कारीगर इन्हें बड़ी मेहनत से बनाते हैं।"
गोपाल की जिज्ञासा बढ़ गई। अगले दिन वह कारीगर के पास पहुँचा। उसने देखा कि कारीगर पत्थरों को तराशकर, आग में तपाकर और बारीक छेद करके सुन्दर मनके बनाता है। गोपाल ने भी सीखने की इच्छा जताई। शुरुआत में उसके मनके टेढ़े-मेढ़े बने, लेकिन उसने हार नहीं मानी।
धीरे-धीरे अभ्यास से वह अच्छे मनके बनाने लगा। कुछ समय बाद नगर में प्रदर्शनी लगी, जहाँ गोपाल ने अपने बनाए मनके रखे। लोगों ने उसकी कला की प्रशंसा की। गोपाल बहुत खुश हुआ और उसने समझ लिया कि मेहनत और धैर्य से हर कार्य सफल होता है।

#संस्कार_सन्देश -
मेहनत और लगन से सफलता अवश्य मिलती है।

कहानीकार -
#माधव_सिंह_नेगी (प्र०अ०)
रा० प्रा० वि० जैली,
प्रखण्ड - जखोली, रुद्रप्रयाग

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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