महिला सशक्तिकरण विशेषांक-341
*🙎♀️महिला सशक्तीकरण विशेषांक-341*
*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष एवं सफ़लता की कहानी*
दिनांक 13/04/2026
नाम- अर्चना मौर्य
पद - सहायक अध्यापक
विद्यालय- प्राथमिक विद्यालय पूरे दूलम
विकास क्षेत्र- कुण्डा
जनपद- प्रतापगढ़
*सफलता एवम् संघर्ष की कहानी-*
प्रथम नियुक्ति - मैं अर्चना मौर्य, मेरी प्रथम नियुक्ति बी.एड. प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात 14 नवम्बर 2015 में प्राथमिक विद्यालय पूरे दूलम विकास क्षेत्र कुण्डा जनपद प्रतापगढ़ में सहायक अध्यापक के पद पर हुई।
वर्तमान नियुक्ति - वर्तमान में भी मैं अपने प्रथम नियुक्ति वाले विद्यालय अर्थात प्राथमिक विद्यालय पूरे दूलम कुण्डा में ही कार्यरत हूँ।
विद्यालय जीवन की समस्याएं और समाधान -
बेसिक शिक्षा विभाग में नियुक्ति के पश्चात मेरा विद्यालय जिसमें मेरी नियुक्ति हुई, वहाँ सबसे बड़ी समस्या बच्चों का नियमित विद्यालय न आना था। और दूसरी समस्या ,जो बच्चे विद्यालय आते थे वे समय से विद्यालय नही आते। इसके अलावा मेरा विद्यालय रेलवे ट्रैक के पास है जिसमें बाउन्ड्री वाॅल न होना सबसे बड़ी समस्या थी।
इन समस्याओं के समाधान के लिए सर्वप्रथम अभिभावकों और गाँव वालों से बार बार बात करके ये भरोसा दिलाया गया कि आपके बच्चे यहाँ सुरक्षित हैं। और बच्चों को रोजाना विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय में समय से विद्यालय आने, अत्याधिक उपस्थिति, साफ-सफाई और पूरे यूनिफॉर्म में आना, इस तरह की छोटी-छोटी प्रतियोगिता बच्चों में की गई। उनकी उपयोगी चीजें उन्हें मासिक इनाम में दिया गया। विद्यालय में पी.टी. के साथ साथ योगाभ्यास, खेल, कला-क्राफ्ट, तथा विभिन्न TLM के द्वारा वातावरण को रूचिकर बनाया। इन सभी क्रियाकलाप में बच्चों का भी योगदान लेती रही ताकि वे इससे जुडाव महसूस करें।
कान्वेंट स्कूल की तर्ज पर बच्चों को हाउस ड्रेस का वितरण किया गया। सब कुछ ठीक हुआ ही था कि मेरे विद्यालय और गाँव के बीच से लखनऊ-प्रयागराज 4 लेन हाइवे जाने के कारण आवागमन बाधित हो गया। जिसका असर मेरे विद्यालय के नामांकन और उपस्थिति पर हुआ। जिसके लिए मेरे तथा समस्त विद्यालय स्टाफ द्वारा एक पहल की गई,जिसमें बच्चों को लाने- ले जाने के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई। वर्तमान में मेरे विद्यालय में बाउंड्री वाॅल बन गई है।
आज ग्रामीणों की नज़र में मेरे विद्यालय का विशेष स्थान है।
कार्यक्षेत्र की उपलब्धियाँ -
1.ब्लाॅक स्तर पर बच्चों ने विभिन्न खेलों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
2.विद्यालय से छात्र का अटल आवासीय विद्यालय में चयन हुआ ।
3.निपुण विद्यालय।
स्वंय की उपलब्धि -
1.1 सितम्बर 2024 को जनपद में आयोजित कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया ।
2.जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में 17 अक्टूबर 2025 को आयोजित षष्टम कला क्राफ्ट और पपेट्रीप्रतियोगिता में प्रतिभाग किया ।
3.अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2026 को जनपद में आयोजित कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया ।
मिशन शिक्षण संवाद के लिए संदेश-
मिशन शिक्षण संवाद की पहल " करोगे योग तो रहोगे निरोग" से बच्चों तथा स्वयं को विभिन्न योग किया सीखने का अवसर प्राप्त होता है। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहाँ विभिन्न विकास खंड के शिक्षक- शिक्षिकाओं के नवाचारों से नित नया सीखने का अवसर प्राप्त होता है।
मैं निरंतर बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाने का प्रयास करूंगी। मेरा सौभाग्य है कि मुझे मिशन शिक्षण संवाद का हिस्सा बनने का अवसर प्राप्त हुआ।
_✏️संकलन_
ज्योति कुमारी (शक्ति संवाद)
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद*
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