विषय- संस्कृत, प्रकरण- व्याकरण अभ्यास_कार्य, शीट क्रमांक -60/2025, दैनिक संस्कृत शिक्षण
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क्रमांक- 60/2025
#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण (अभ्यास कार्य)
दिनांक- 10/12/2025
दिन- बुधवार
प्रकरण- #व्याकरण- अभ्यास_कार्य
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लङ्गलकार, भूतकाल-
कार्य की समाप्ति के लिए क्रिया में लङ्गलकार का प्रयोग होता है।
पठ् धातु -
एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्र०पु०- अपठत् अपठताम् अपठन्
म०पु०- अपठः अपठतम् अपठत
उ०पु०- अपठम् अपठाव अपठाम
जैसे-
वह गया। सः अगच्छत्। वे सब पढ़े थे।
ते अपठन्। मैं बोला। अहं अवदम्।
अभ्यास प्रश्न-
प्र०1- निम्नलिखित धातुओं को लङ्ग लकार में बदलकर लिखो।
पठति, चलन्ति, पिबसि, गच्छामि।
प्र०2- निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद करो।
क- वह घर गया।
ख- तुम दोनों ने किताब पढ़ी।
ग- मैं कानपुर गया।
घ- तुम दोनों ने निबन्ध लिखा था।
प्र०3- निम्नलिखित वाक्यों का हिन्दी में अनुवाद करो।
क- तौ अपठताम्।
ख- त्वं अगच्छः।
ग- वयं अवदम्।
घ- रीना अखादत्।
तकनीकी सहयोगी एवं प्रमुख सहयोगी- #जुगल_किशोर_त्रिपाठी #झाँसी
एवं
#माया_त्रिपाठी #भदोही
संकलन:- #टीम_मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण
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