208/2025, बाल कहानी- 06 दिसम्बर
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 208/2025
*06 दिसम्बर 2025 (शनिवार)*
#बाल_कहानी - #दयालु_राजा
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एक दिन एक राजा जंगल में शिकार करने को जा रहा था। जैसे ही उसने जंगल में प्रवेश किया, रास्ते में उसे एक लड़की सविता मिली। राजा ने उस लड़की को जंगल में अकेले देखा तो आश्चर्य में पड़ गया। उसने सविता को अपने पास बुलाया और पूछा कि, "तुम कौन हो? और यहाँ अकेले क्या कर रही हो?"
सविता ने कहा कि, "मैं अपने माता-पिता के साथ आयी हूँ। मुझे बहुत प्यास लग रही थी इसलिए मेरे पिता जी जंगल के बीचों-बीच एक झील में से पानी लेने गये हैं। मेरी माँ लकड़ी काट रही है। मुझे बहुत प्यास लगी है। आपके पास पानी हो, तो दीजिए।" राजा ने अपने सेनापति को बुलाया और पानी देने को कहा। सेनापति ने पानी की पोटली निकाली और पानी दिया। सविता को बहुत प्यास लगी थी। उसने पोटली का आधा पानी पी लिया और अपनी माँ को भी पानी देने के लिए कहा। वह पानी लेकर अपनी माँ के पास गयी। माँ पानी पीने के बाद राजा से बोली कि, "उसके पति को बहुत देर हो गयी है। वह अभी तक नहीं आये?" राजा और सेनापति ने अपने घोड़े को दौड़ाये और शीघ्रता से झील की ओर गये। सविता के पिता पानी भरकर आ रहे थे, उसी समय वहाँ एक शेर घूम रहा था। उसने सविता के पिता को देख लिया था, और जैसे दौड़कर लपकने ही वाला था। राजा और सेनापति वहाँ आ गये और राजा ने अपने धनुष से बाण छोड़ दिया। शेर वहीं पर लुढ़क गया। फिर राजा उसे अपने घोड़े पर बिठाकर लाया और सविता और उसकी माॅं के पास उतारा। राजा ने तुरन्त ही अपने सेनापति को राजमहल भेजा और वहाँ से एक रथगाड़ी भेजने को कहा। सेनापति ने राजमहल में पहुँचकर रथगाड़ी भिजवायी, फिर राजा सविता, उसकी माॅं और उसके पिताजी को राजमहल ले गये और उनको बहुत-सा धन और वस्त्राभूषण दिये। राजा ने उनके लिए घर भी बनवाया और अपने राजमहल में काम भी दिया, क्योंकि राजा बहुत दयालु था।
एक दिन सविता की माँ ने राजा से कहा कि, "राजन्! इस नगर और राज्य में मेरे जैसे न जाने कितने गरीब और असहाय लोग होंगे। आप उनका पता लगवाकर उन्हें चिन्हित करें और मेरी तरह उन्हें रहने के लिए आवास और काम दें ताकि उनका परिवार आराम से गुजर-बसर कर सके। इस प्रकार से आपके राज्य में कोई गरीब और असहाय नहीं रहेगा।" उनकी बात सुनकर राजा ने प्रसन्न होकर वैसा ही किया। अब उसके राज्य में कोई गरीब और असहाय न रहा।
#संस्कार_सन्देश -
यदि कोई व्यक्ति धन-धान्य से अमीर है और बहुत सम्पत्तिवान है तो उसे हमेशा दयालु होना चाहिए और असहायों की सहायता करनी चाहिए।
कहानीकार-
#प्रेमलाल_किशन (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय बुढ़नपुर
गहरीनमुड़ा, छत्तीसगढ
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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