219/2025, बाल कहानी- 19 दिसम्बर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 219/2025
*19 दिसम्बर 2025 (शुक्रवार)*
#बाल_कहानी - #घना_कोहरा
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आज सवेरे बहुत घना कोहरा था। राजू की मम्मी ने राजू को उठाया, "उठो, बेटा! राजू स्कूल नहीं जाना है क्या?"
 राजू ने कहा, "नहीं मम्मी! आज बहुत ठण्ड लग रही है। आज रहने दो। आज मैं स्कूल नहीं जाना चाहता।" इस पर माँ ने कहा, "बेटा! हर रोज सर्दी पड़ रही है। ऐसे स्कूल नहीं जाओगे तो स्कूल में काम आगे बढ़ जाएगा।" तभी अचानक बाहर से दूध लेकर राजू के पापा अन्दर आये और कहने लगे, "आज बहुत घना कोहरा है। आज राजू को स्कूल मत भेजो। हो सकता है स्कूल की छुट्टी हो जाये और अगर स्कूल की छुट्टी नहीं भी होती है तो भी छोटे बच्चों को इतनी ठण्ड और कोहरे में स्कूल नहीं भेजना चाहिए। छोटे बच्चों को जल्दी सर्दी लगती है।" 
राजू की माँ ने कहा, "आपने सही कहा।" इतना कहकर वह राजू से बोली, "ठीक है बेटा! राजू आज तुम घर पर ही रहो और घर पर रहकर ही पढ़ाई करो।" राजू बहुत खुश था।
राजू के पिता ने राजू की माँ से कहा, "राजू की माँ! हमारे बच्चे हैं और हमें स्वयं उनके अच्छे-बुरे का ख्याल रखना है।" राजू की माँ ने राजू के पापा से कहा, "आप सही कहते हैं।" इसके बाद राजू की माँ राजू के पिता के लिए चाय बनाने के लिए चली गयी। फिर दोनों ने साथ बैठकर चाय पी और अन्दर रजाई में छोटा राजू लेटकर बहुत खुश था। 

#संस्कार_सन्देश-
बच्चे हमारे हैं तो हमें स्वयं उनका ध्यान रखना चाहिए।

कहानीकार-
शालिनी (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय कूँड
विकासखण्ड- करहल 
जनपद- मैनपुरी (उ०प्र०)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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