विषय- संस्कृत, प्रकरण- व्याकरण अभ्यास_कार्य, शीट क्रमांक -56/2025 का हल, दैनिक संस्कृत शिक्षण


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क्रमांक- 56/2025 का हल

#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण (अभ्यास कार्य)

दिनांक- 02/12/2025 

दिन- मंगलवार 

प्रकरण- #व्याकरण- अभ्यास_कार्य

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लृट्लकार, भविष्य काल-

पहचान - हिन्दी वाक्य के अन्त में गा, गी तथा गे आता है।

1- पठ् धातु- (पढ़ना)-

एकवचन द्विवचन बहुवचन 

प्र०पु०- पठिष्यति   पठिष्यतः   पठिष्यन्ति

म०पु०- पठिष्यसि  पठिष्यथः   पठिष्यथ

उ०पु०- पठिष्यामि पठिष्यावः पठिष्यामः

लिख्, चल्, हस्, धाव्, क्रीड् इत्यादि धातुओं के रूप इसी प्रकार चलेंगे। पूर्व की भाँति कर्ता के अनुरूप क्रिया का प्रयोग किया जाएगा।

2- दृश् धातु ( देखना)-

द्रक्ष्यति        द्रक्ष्यतः        द्रक्ष्यन्ति 

द्रक्ष्यसि        द्रक्ष्यथः        द्रक्ष्यथ 

द्रक्ष्यामि       द्रक्ष्यावः       द्रक्ष्यामः 


अभ्यास प्रश्न -

प्रश्न 1- निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद करो।

क- वह पढेगा।

उत्तर- सः पठिष्यति।

ख- तुम दोनों जाओगे।

ग- मैं खेलूँगा।

उत्तर- अहं क्रीडिष्यामि।

घ- हम सब लिखेंगे।

उत्तर- वयं लेखिष्यामः।

ङ- वेसब चित्र देखेंगे।

उत्तर- ते चित्रं पश्यन्ति।


प्रश्न 2 - निम्नलिखित अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करो। 

क- ते लेखिष्यति।

उत्तर- ते लेखिष्यन्ति।

ख- त्वं पठिष्यतः।

उत्तर- त्वं पठिष्यसि।

ग- वयं क्रीडन्ति।

घ- रामः मोहनः च गमिष्यामि।

उत्तर- रामः मोहनः च गमिष्यतः।


प्रश्न 3- निम्नलिखित धातुओं का वाक्य प्रयोग करो।

हसिष्यतः- तौ हसिष्यतः।

क्रीडिष्यन्ति- बालकाः क्रीडिष्यन्ति।

पठिष्यथ- यूयं पठिष्यथ।

लेखिष्यामः - वयं लेखिष्यामः।


तकनीकी सहयोगी एवं प्रमुख सहयोगी- #जुगल_किशोर_त्रिपाठी #झाँसी

एवं

#माया_त्रिपाठी #भदोही


संकलन:- #टीम_मिशन_शिक्षण_संवाद

#दैनिक_संस्कृत_शिक्षण


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