222/2025, बाल कहानी- 23 दिसम्बर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 
222/2025
*23 दिसम्बर 2025 मंगलवार)*
#बाल_कहानी - #भय_का_भूत
------------------------

मोनू कक्षा दस का छात्र था। वह पढ़ने में बहुत अच्छा था लेकिन उसमें एक कमी थी, वह अपनी बातों को दूसरों के सामने नहीं रख पाता था। उसे ऐसा करने में घबराहट होती थी।
आज विद्यालय में वार्षिक उत्सव मनाया जा रहा था और मोनू को स्टेज पर बुलाया गया। मोनू धीरे से उठा और स्टेज की ओर चलने लगा। वहाँ पहुँचकर उसने बहुत ही उत्साहित शब्दों के साथ वहाँ बैठे सभी अध्यापकों, अभिभावको और बच्चों का अभिवादन किया और अपने भाषण से सब का दिल जीत लिया। सभी ने तालिया बजाकर उसका स्वागत किया। मोनू की आँखों से खुशी के आँसू झरने लगे। तभी प्रिन्सिपल साहब आये। उन्होंने मोनू की पीठ थपथपाई।
मोनू सोचने लगा कि अगर वह हिम्मत करके स्टेज पर नहीं आता तो उसका यह स्टेज पर जाकर बोलने वाला डर कभी खत्म ना होता। असल में मोनू को स्टेज का फोबिया था। वह अपनी बातों को सभी के सामने नहीं बोल पाता था। जब कक्षा अध्यापक ने बताया कि, "वार्षिक उत्सव में उसे भी स्टेज पर जाकर कुछ बोलना है।" यह सुनकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई और वह घबरा गया। 
जब वह घर पहुँचा था तो बहुत उदास था। उसकी माँ ने उसे समझाया कि, "बेटा! हम जिस चीज से डरते हैं, वह चीज हम पर हावी हो जाती है। अगर हम उसका सामना करें तो हम उससे जीत सकते हैं।" माँ ने उसे विश्वास दिलाया और पुन: कहा कि, "तुम बहुत अच्छा बोल सकते हो, बस! मन में विश्वास रखो और अपने डर को खुद पर हावी मत होने दो। उसका सामना करो। फिर देखो, तुम कितने अच्छे वक्ता बन सकते हो।" माँ के बार-बार विश्वास दिलाने पर मोनू ने भी ऐसा ही किया। उसने जो अपना भाषण तैयार किया था। उसे अपने परिवार के सभी लोगों के सामने सुनाया। अगले दिन जब वह विद्यालय गया तो उसने अपनी माँ की बातों को अपने मन में रखा और पूर्ण साहस और विश्वास के साथ वह स्टेज पर गया, जिसमें उसे सफलता भी मिली। तभी तो प्रिन्सिपल साहब ने उसे शाबाशी दी और उसके अच्छे भाषण के लिए उसे ट्रॉफी भी प्रदान की। 
घर आकर उसने अपनी माँ को वह ट्रॉफी दी और कहा कि, "मां! आज तुम्हारी वजह से मेरा यह भय का भूत दूर हो गया और मैं सभी के सामने बोल पाया।" 
उसने अपनी माँ से वादा किया कि, "आज से कभी भी भय को जीतने नहीं देगा और उसका साहस के साथ सामना करेगा।" यह सुनकर उसकी माँ बहुत प्रसन्न हुई।

#संस्कार_सन्देश - 
हमें किसी प्रकार के भय को अपने मन पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उसका हिम्मत से सामना करना चाहिए, तभी हमें सफलता प्राप्त होती है।

कहानीकार-
#मृदुला_वर्मा (स०अ०)
प्रा० वि० अमरौधा प्रथम
अमरौधा (कानपुर देहात)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

Comments

Total Pageviews