220/2025, बाल कहानी- 20 दिसम्बर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 220/2025
20 दिसम्बर 2025 (शनिवार)
#बाल_कहानी - #घर_का_चिराग
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घर में खुशी का माहौल है। सभी मेहमान ढोल की धुन पर मन्त्र-मुग्ध होकर झूम रहें हैं। सीमा की सास आज बहुत खुश है क्योंकि तीन बेटियों के बाद आज उसकी बहु को बेटा हुआ है। पूरे गाँव में मिठाईयाँ बाँटी जा रहीं हैं। वह सबसे खुश होकर कह रहीं है, "मेरे घर का चिराग, मेरा वारिस आ गया।" सीमा और उसका पति सुधांशु भी खुश है क्योंकि इतने दिन बाद भगवान ने उनकी मुराद पूरी की है। 
समय चक्र चलता रहता है। उनका बेटा धीरे-धीरे बड़ा होता जा रहा है। शिवम जितना बड़ा होता जा रहा है। दिन पे दिन उतना ही शैतान और बदतमीज होता जा रहा है। दादा-दादी, माता-पिता कोई भी उसको रोकता-टोकता नहीं है। सबकी जुबान पर बस एक ही बात होती है। अभी बच्चा है। बड़ा होकर खुद सँभल जायेगा। सबके लाड-प्यार से वह और अधिक बिगड़ता जा रहा है। स्कूल से कॉलेज का सफर करते हुए अब वह फाइनल ईयर में आ चुका है, लेकिन उसकी हरकतों में कोई बदलाव नहीं आया। अब सबका मानना है कि वह शादी के बाद सुधर जायेगा। 
समय बीतता है। उसकी शादी भी एक सुन्दर, सुशील लड़की से हो जाती है। माधवी बहुत सुलझी हुई समझदार लड़की है। वह नई-नवेली दुल्हन जल्द ही अपना घर सँभाल लेती है। सब उसको बहुत प्यार करते है। शिवम का व्यवहार अब भी ज्यों का त्यों बना हुआ है। उसको न घर से कोई मतलब है न व्यापार से। माधवी के ससुर का बीमारी के चलते देहान्त हो जाता है। पूरे परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ता है। व्यापार भी ठप पड़ जाता है क्योंकि शिवम उसमें कोई रूचि नहीं लेता है। उसको तो केवल अपने दोस्तों से फुर्सत नहीं। घर के हालात बिगड़ते जाते है। अब माधवी कुछ करने की सोचती है। वह जाकर दुकान-व्यापार सब सँभालने लग जाती है। व्यापार में दिन-दूनी व रात-चौगुनी तरक्की होती है। घर के हालात फिर से पहले जैसे हो जाते है। सब हँसी-खुशी रहने लगते हैं, लेकिन शिवम अभी भी वैसी ही है, जैसा वो कल था। दादी शान्त बैठी हुई हैं। सोच रही है कि अगर उन्होंने शिवम को इतनी सह न दी होती तो वह आज इतना बेपरवाह न होता। वह इसी कशमकश में हैं कि उनके घर का चिराग आखिर है कौन? अचानक उनके मुँह से निकलता है कि, "असली मायने में मेरे घर का चिराग कौन है, उसका पोता शिवम या उसकी पत्नी माधवी?"

#संस्कार_सन्देश- 
समय रहते बच्चे को अच्छे संस्कार देने चाहिए और सही-गलत का फर्क बताना चाहिए।

कहानीकार
#ब्रजेश_सिंह (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय बीठना
लोधा, अलीगढ़ (उ०प्र०)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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