213/2025, बाल कहानी- 12 दिसम्बर

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 213/2025
*12 दिसम्बर 2025 (शुक्रवार)*
#बाल_कहानी - #मीनू_का_जुनून
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उत्तर प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र में एक छोटा-सा गाँव है माधोपुर। चारों तरफ मन को आकर्षित कर देने वाले नजारे, मानो मन हर लेते हैं। उसी छोटे-से गाँव में रहती है एक प्यारी-सी बच्ची मीनू। वह अपने माता-पिता की इकलौती सन्तान है। वह जितनी सुन्दर है, उतनी ही पढ़ाई में भी बहुत होशियार है। वह हमेशा कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करती है। स्पोर्ट्स में भी अपने विद्यालय और गाँव का नाम रोशन करती है। सब लोग उसे होशियार बेटी के नाम से बुलाते हैं।
मीनू का सपना है डाक्टर बनने का। वह अपने सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करती है। समय के साथ-साथ ही उसका अपने सपने के प्रति जुनून भी बढ़ता जा रहा है। आज उसका नीट का एग्जाम है। वह पेपर देकर घर आती है, लेकिन वह मायूस है। कुछ समय बाद उसका रिजल्ट आता है और वह फेल हो जाती है। अबकी बार उसके गरीब पिता अपना खेत-खलिहान बेचकर उसको कोचिंग के लिए शहर भेजते हैं। वह अपने दूसरे प्रयास में भी असफल ही रहती है। 
मीनू बिल्कुल टूट चुकी है और आत्महत्या करने का मन बना लेती है। वह उठकर पंखे से लटक कर फाँसी लगाने के लिए फन्दा लगाती ही है कि एकाएक लाईट चली जाती है। मीनू की रोते-रोते कब आँख लग जाती है, उसे पता ही नहीं चलता। मीनू गहरी नींद में सोई हुई है। अचानक सपने में वह अपने माता-पिता को देखती है, जो उसकी मृत्यु पर विलाप कर रहें हैं। घबराकर उसकी आँख खुल जाती है। उसका पूरा शरीर पसीने से लथपथ है। मारे गर्मी के उसका गला सूख रहा था। वह उठकर पानी पीती है और प्रण लेती है कि वह अब आत्महत्या के बारे में नहीं सोचेगी। अपने माता-पिता की खातिर वह और जी-जान से मेहनत करेगी।
वह और अधिक मेहनत करने लग जाती है। उसको अपना सपना पूरा करना है, यह सोच कर वह भूख-प्यास सब भूल बैठी है। उसकी माँ उसका बहुत ख्याल रखती है। वह दिन-रात उसके साथ परछाई की तरह लगकर उसके खान-पान का ध्यान रखतीं है। आखिरकार वह दिन आ ही जाता है, जब आज वह तीसरी बार एग्जाम देने जा रही है। अबकी बार वह पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरी हुई है। कुछ दिन बाद जब रिजल्ट आता है तो वह देश में दूसरा स्थान प्राप्त करती है। उसकी खुशी का ठिकाना नहीं है। अब प्रदेश के नम्बर वन कॉलेज में उसका दाखिला हो जाता है।

#संस्कार_सन्देश - 
हमें कभी भी परिस्थिति से हार नहीं माननी चाहिए। कठिन परिस्थतियों में हमें धैर्य धारण कर आगे बढ़ते रहना चाहिए।

कहानीकार-
#ब्रजेश_सिंह (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय बीठना
लोधा, अलीगढ़ (उ०प्र०)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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