शिव जी

तर्ज- साजन मेरा उस पार है


भोला मेरा तारणहार है,

जग का वो ही पालनहार है।


हमको कृपा उनकी मिल जाएगी,

  बदली दुखों की छट जाएगी।

    मिट जाए सारा अंधकार है,

      मिलता खुशियों का संसार है।

         भोले मेरा.......


कर में त्रिशूल उनके सोहे है,

  रूप शिव का मन मोहे है। 

    भोला जो करता उपकार है,

      होता हर सपना साकार है।

        भोले मेरा.......


नैया भंवर में फँस जाए जो,

  भाग्य हमारा यदि जाए सो।

    शिव बिन चले ना ये संसार है,

      करते शिव जी ही बेड़ापार हैं,

         भोले मेरा.......


रचनाकार
सपना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उजीतीपुर,
विकास खण्ड-भाग्यनगर,
जनपद-औरैया।

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