होली आई

होगा अन्त बुराई का जो

प्रेम प्रकट करना होगा

राधा मोहन सा होली में

हर दिल को रंगना होगा,


सत्य साथ है नरायण का

असत्य धराशायी होगा

ऊँ नमो भगवते मंत्र का

नित उच्चारण करना होगा,


रंग लो तन मन प्रीत रंग से

हरा भरा अंगना होगा

होली के पावन रंगों में

द्वेष नहीं भरना होगा, 


लाल रंग से मांग सजा दो

पांचाली चूनर रंग दो

रंग गुलाबी श्यामा के संग

गालों भरना होगा,


फागुन आयो उडे़ बसंती

जीवन का हर स्वप्न बसंती

लहर-लहर भगवा लहराये

टेसू सा खिलना होगा,


रचयिता

रीता गुप्ता,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलेक्टर पुरवा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।



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