रीडिंग मेला

15 अगस्त आया है, सबके मन में उमंग लाया है
सबके मन में जोश है, सोए को भी आ गया होश है

 दुख की सुख की, संगी साथी यह है
सब प्रश्नों का उत्तर दिखलाती यह है

 अकेलेपन में साथ निभाती यह है,
सबसे अच्छा दोस्त कहलाती यह हैं,

 टेक्नोलॉजी से जोड़ा था जैसे हर बच्चा
आईसीटी के द्वारा स्मार्ट बना था यह  सच्चा

हमें हर बच्चे को किताब से जोड़कर देख लाना है
 कितनी काबिल दोस्त होती है यह सिखलाना है

जिंदगी में भर देती है जैसे की खुशबू इत्र है
उसी प्रकार किताबों से बढ़कर नहीं कोई मित्र है

 देखती है तुझको मंजिलें, बस तुझे इसी और चलना है

 भाग्य का निर्माता बनना तुमको है, खुद को हवा से तेज कर, पढ़ना तुमको है
राह में तुमको ना बिखरना है

लक्ष्य से तुमको ना विचलना है
 देखती है तुमको मंजिलें
बस तुम्हें इसी और चलना है

देखती है तुमको मंजिलें
बस तुमको इसी और चलना है

 अगर पथ कोई भटकाए है,
तुमको कुछ न समझ में आए हैं

 भूलकर तुम सब कुछ किताबों में मस्त हो जाना तब
और फिर रीडिंग मेले में सरकारी स्कूल में चले जाना जब

 रीडिंग मेले में हम सबको जाना है
हर बच्चा मेरा पड़ेगा कहानी, हमने यह माना है,

किताब पढ़ेगा कहानी सुनेगा,
हर बच्चा आगे बढ़ेगा
भावना शर्मा का वादा है,
बेसिक का हर बच्चा ऐसे ही निखरेगा

रचयिता
भावना शर्मा,
प्राथमिक विद्यालय कमालपुर,
जनपद-हापुड़।

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