पेड़ हमारे मित्र

आओ बच्चों तुम्हें बताएँ,
 बात आज ये ज्ञान की,
पेड़ हमारे जीवन दाता
और धरा की शान भी,
पेड़ लगाएँ हम-पेड़ बचाएँ हम -2
पशु-पक्षी का इन पर डेरा,
इनका हमसे नाता गहरा,
घास फूल और छाया देते,
कुछ भी नही ये हमसे लेते,
इनको भी  होता है बच्चों,
सुख दुःख का अहसास रे।
पेड़ बचाएँ हम, पेड़ लगाएँ हम
अनेक प्रकार के मिलते फल,
इनसे बनते खिड़की व हल,
धरती पर बारिश ये लाते,
पर्यावरण को स्वच्छ बनाते,
ऑक्सीजन का भी ये बच्चों,
करते हैं संचार रे।
पेड़ बचाएँ हम
पेड़ लगाएँ हम -2

पेड़ से बनता  कागज भाई,
इनसे मिलती अनेक दवाई ,
सूर्य  की रोशनी जब ये पाते,
अपना भोजन स्वंय बनाते,
इन्हे कभी मत काटो बच्चों
ये प्रकृति का उपहार रे।
पेड़ लगाएँ हम
पेड़ बचाएँ हम -2

पेड़ बचाओ, जीवन  बचाओ
               
रचयिता
उषा त्रिवेदी,
प्रधानाध्यापिका,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट,
विकास खण्ड-नरेंद्र नगर,  
जनपद-टेहरी गढ़वाल,
उत्तराखण्ड।

Comments

  1. बहुत सुंदर.....

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  2. बहुत ही रोचक ज्ञानवद्ध॔क प्रेरणादायी रचना की रचयिता बहुआयामी प्रतिभा की धनी उषा जी को एवंमिशन शिक्षण संवाद के सभी सदस्यों को भी बहुत बहुत बधाई|

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