जापान का काला दिवस

विज्ञान के हुए आविष्कार कई
निर्माण किए, हुए संहार कई
मानव को दास बना लिया
प्रकृति की गोद से दूर किया
    एक खोज हुई परमाणु की थी
    जिसकी सोच वेदों से ऋषि कणाद ने दी
    फिर परमाणु सिद्धांत बना
    डाल्टन ही इसका जनक बना
आधुनिक काल में राबर्ट आईजनहॉवर ने
गीता, महाभारत का अध्ययन किया
महाभारत के ब्रह्मास्त्र की फिर
संहारक क्षमता पर शोध किया
तन - मन से जुटे रहे दिन - रात
ट्रिनिटी(त्रिदेव) अपने मिशन को नाम दिया
उनके नेतृत्व की टीम ने फिर
1945 में यह कार्य किया
   यह कार्य तो मानव विकास का था
   पर अमेरिकी ने जापान का विनाश किया
   सोची समझी ये साजिश थी
   उस परमाणु को 'लिटिल बॉय' का नाम दिया
6 अगस्त 1945 वो दिन था जब
हिरोशिमा की त्रासदी का इतिहास लिखा
लाखो नर कंकाल पड़े थे तब
फिर अब तक न वो प्रभाव मिटा
वायुमंडल अब भी प्रदूषित है
तरंगों का अब भी न ह्रास हुआ
संतानें जो जन्म लेती अब भी
तन के उनका न विकास हुआ
    हाय ये विडम्बना कैसी
    प्रकृति के साथ खिलवाड़ हुआ
    युगों तक न भूलेंगे सभी
    विश्व युद्ध में जो विनाश हुआ
विज्ञान के इन आविष्कारों से
मानव जाति के लिये सृजन करो
मानव ही बना दुश्‍मन ख़ुद का
ईश्वर की इस कृति का ना विनाश करो।

रचयिता
अर्चना अरोड़ा,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बरेठर खुर्द,
विकास खण्ड-खजुहा,
जनपद-फ़तेहपुर।


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