गाएँ गीत नया


हम पर्वतवासी उत्तराखण्ड के
गाएँ गीत नया
शांति, एकता और प्रेम की
घर - घर में हो रीत यहाँ
हँसी - खुशी हो घर - आँगन में
उन्नत खेत और खलिहान
ऐसे बने -  ऐसे बने ये प्रदेश महान।
हरे- भरे वन - बाग - बगीचे झरनों - नदियों का जल
हरे- भरे सब गाँव बने अब
कोमल - निर्मल सब के मन
दया - धर्म हो - मानवता हो
अच्छे हो इंसान
ऐसे बने - ऐसे बने ये प्रदेश महान।
रहें न भूखे, मिटे गरीबी
जन - जन हो खुशहाल
हर हाथों को काम मिले
और सबका हो सम्मान।
दूर बुराई हो सबसे अब
शिक्षित हर इंसान
ऐसे बने - ऐसे बने
ये प्रदेश महान।

रचयिता
गिरीश चन्द्र बेंजवाल,
सहायक अध्यापक,
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सौड़ी-गिंवाला,
विकास खण्ड-अगस्त्यमुनि,
जनपद-रुद्रप्रयाग,
उत्तराखण्ड।






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