224/2024, बाल कहानी- 06 दिसम्बर


बाल कहानी - बाबा और राजू
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राजू अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। अचानक उसकी माँ दौड़ी-दौड़ी आयी और बोली, "चल बेटा! बाबा की तबियत बहुत खराब है। डॉक्टर के पास ले जाना है। तेरे पिताजी काम की तलाश में शहर गये हैं। न जाने कब तक आयें?"
राजू माँ के साथ चल दिया। कुछ देर बाद बाबा को लेकर डॉक्टर के पास गया। बाबा को साँस लेने में परेशानी हो रही थी। डॉक्टर ने दवाई दी। सुई लगायी, तब जाके बाबा को कुछ आराम मिला, फिर डॉक्टर ने कहा, "आप लोग ज्यादा परेशान न हो, ये दवाई समय से दीजिएगा। ऊपर वाले ने चाहा तो एक-दो दिन में आराम मिल जाएगा। बस आप लोग देख-रेख कीजिए। बाबा! आप बीड़ी पीना छोड़ दीजिए। देखिए, आपके लिए सब कितना परेशान हो जाते हैं।"
राजू ने डॉक्टर साहब से बड़े प्यार से पूछा, "डॉक्टर साहब! हम लोग जब भी आते है, आप यही कहते है कि घर पर सभी लोग बाबा की बहुत सेवा करते हैं, पर आए दिन बाबा की तबियत खराब हो जाती है। ऐसा क्यों? बाबा मेरे सिर्फ बीड़ी पीते हैं और कोई नशा नहीं करते। आप कोई ऐसी दवाई दे दीजिए, जिससे बाबा कभी बीमार न पड़ें।" इतना कहकर राजू बाबा के गले लग गया।
बाबा ने राजू के प्यार को महसूस किया बोले, "बेटा! परेशान न हो, अब मैं ठीक हूँ।"
डॉक्टर साहब ने राजू को बताया, "बीड़ी सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। बीड़ी की लत बाबा को बार-बार बीमार कर रही है। आप लोग बाबा से बीड़ी पीने की लत छुड़वाए, तभी बाबा की तबियत में सुधार होगा।"
राजू ने बाबा को खूब समझाया, "बाबा! मैं आपको बहुत मानता हूँ। जब आप बीमार हो जाते है, तब मैं बहुत दु:खी हो जाता हूँ। क्या आप मुझे दु:खी देखना चाहते है तो आप खूब बीड़ी पीजिए। अगर आप मुझे खुश देखना चाहते है तो बीड़ी पीना छोड़ दीजिए।" 
इतना कहकर राजू बाबा से लिपट गया। बाबा राजू के प्यार के आगे बेबस हो गये। उन्होंने राजू से वादा किया। अब कभी बीड़ी नही पियूँगा। मेरे लाडले राजू! आज मैं वादा करता हूँ। बीड़ी को हाथ नहीं लगाऊँगा। बाबा की बात सुनकर सभी बहुत खुश हुए। राजू भी खुशी से झूम उठा।

#संस्कार_सन्देश- 
कोई भी समस्या हो, अपनापन दिखा कर दूर किया जा सकता है।

कहानीकार-
#शमा_परवीन 
बहराइच (उत्तर प्रदेश)

कहानी वाचन-
#इला_सिंह
जनपद-फतेहपुर (उ०प्र०)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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