फिर नया साल आया है

एक साल फिर बीत गया,
कुछ ले गया, कुछ दे गया।
कुछ वादे पूरे हुए,
कुछ इरादे अधूरे रहे।

इस बार न ऐसा होगा,
हर वादा अब पूरा होगा।
मनोबल को बढ़ाना होगा,
आगे कदम बढ़ाना होगा।

बच्चों तुम भी वादा करो,
बाधाओं से न तुम डरो।
मन लगाकर पढ़ना होगा,
मंजिल को अब पाना होगा।

हर दिन कुछ करना है,
बुरा वक्त भूलना है।
गलतियों से भी सीखना है,
अनुभवों को भी बाँटना है।

बड़ों का भी कहना माने,
छोटों से भी प्यार करें।
हर दिन कुछ नया सोचें,
ऐसा हम प्रयास करें।

शिक्षा, खेल जगत में नाम करें,
गुरुओं का आशीष लेकर।
माता-पिता के चरण छूकर,
विद्यालय का नाम रोशन करें।

नव वर्ष फिर आया है,
खुशियाँ संग लाया है।
चलो कुछ वादा कर लें,
टूटे न वो इरादा कर लें।

नव वर्ष की बेला में,
आपको सारी खुशियाँ मिलें।
नित नए मुकाम में,
कामयाबी की मंजिलें मिलें।

नव वर्ष के आगमन पर,
रोज मुस्कुराकर मिलें।
चेहरे पर कोई शिकन न आये,
कितनी ही मुश्किलें मिलें।

हर दिन सुहाना हो,
दिल में न कोई बुराई हो।
आप सभी को मेरी ओर से,
नव वर्ष की हार्दिक बधाई हो।

रचयिता
रीना सैनी,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय गिदहा,
विकास खण्ड-सदर,
जनपद -महाराजगंज।

Comments

  1. मै आपकी काव्य रचनाओ व नवाचारो से बहुत ही प्रभावित हूँ।आपके विचारों को मिशन संवाद ग्रुप पर देखा करता हूँ।आपका व्यक्तिव बहुत ही प्रेरणादायक है।

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