34/2026, बाल कहानी- 26 फरवरी
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 34/2026
*26 फरवरी 2026 (गुरुवार)*
#बाल_कहानी - #कुदरत_की_देन
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राधापुर नामक गाँव में एक सरकारी विद्यालय था। विद्यालय बहुत ही अच्छा और सुसज्जित था। पढ़ाई भी बहुत अच्छी होती थी । वहाँ पर कक्षा आठ की चार लड़कियाँ जिनके नाम प्रिया सोनी, कृति और मान्या लड़कियाँ आपस में बहुत ही पक्की दोस्त हुआ करती थीं। लेकिन उन चार दोस्तों में से एक दोस्त कृति थोड़ी कम कद की थी। उसकी हाइट बहुत कम थी, जिसकी वजह से उसके सहपाठी उसको सदैव बहुत चिढ़ाया करते थे और सदैव उसका मजाक भी बनाते थे। लेकिन उसके साथी मित्र ऐसा कुछ नहीं करते थे। कभी भी उसका मजाक नहीं बनाते थे और सभी आपस में मिल-जुलकर रहते थे।
जहाँ पर भी जाती थी, वह चारों दोस्त साथ-साथ जाती थीं। सभी पढ़ाई में भी बहुत ही ज्यादा होशियार थीं। जिसमें कु जो मित्र नाटी थी, वह तो बहुत ही ज्यादा होशियार थी और सदैव हर प्रतियोगिता में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी। एक दिन स्कूल का कैंप किसी स्वच्छता कार्यक्रम के उपलक्ष्य में विद्यालय से बाहर गया, जिसमें कक्षा आठ के सभी बच्चे साथ में गये और सभी ने उस कैंप में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उसे जिस लड़की की हाइट थोड़ी कम थी, उसने भी सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लेकिन एक ऐसा कार्यक्रम था जिसमें कि जिनकी हाइट अच्छी थी, वही प्रतिभाग कर पाये और कम हाइट वाले लोग उस कार्यक्रम में प्रतिभाग नहीं कर पाये। कार्यक्रम समाप्त होने के कुछ ही समय में सब लोग घर वापस आने लगे। रास्ते में अचानक बहुत तेज आँधी तूफान आ गया और सभी लोग उस तूफान में फँस गए। एक किनारे पर बहुत छोटा सा रास्ता था, जिसमें कि कोई भी बाहर नहीं निकल सकता था। लेकिन वह छोटी कद वाली लड़की छोटे से छेद से बाहर निकली क्योंकि उसकी हाइट कम थी तो वह आसानी से उस छोटी सी जगह से बाहर निकलने में कामयाब हो गई। बाहर निकलते ही उसने आस-पास के लोगों को बुलाकर सभी को बाहर निकलवाने में मदद की और सभी लोग सुरक्षित बाहर आ गये। अब सभी लोग समझ गए कि कुदरत ने जो भी चीज हमें दी हैं, उन सभी चीजों का अपना-अपना महत्व होता है। कभी-कभी जो चीज हमें कम अच्छी लगती हैं, वह भी हमारे लिए महत्वपूर्ण बन जाती है। जैसे कि आज उस छोटे कद वाली लड़की ने मुसीबत के समय छोटे से रास्ते से अपनी हाइट का फायदा उठाते हुए सब की मदद की। सभी लोग ने कृति से क्षमा माँगी और वादा किया कि कभी भी वह भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि आज वह जान चुके हैं कि भले ही कद कम हो या फिर ज्यादा आदमी मोटा हो या फिर पतला, सभी का अपने-अपने समय पर अलग ही महत्व होता है । हमें कुदरत की देन का सम्मान करना चाहिए।
#संस्कार_सन्देश -
हमें संसार के किसी भी प्राणी का (चाहे वह कोई भी हो, कैसा भी हो स्वभाव, रंग-रुप, गुणों और क्रिया-कलापों में) तिरस्कार नहीं करना चाहिए। वह भी जगत के लिए प्रकृति प्रदत्त उपहार है।
कहानीकार-
#अंजनी_अग्रवाल (स०अ०)
उच्च प्राथमिक विद्यालय सेमरुआ
सरसौल, कानपुर नगर
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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