13/2026, बाल कहानी- 02 फरवरी
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 12/2026
02 फरवरी 2026 (सोमवार)
#बाल_कहानी - #मन्दिर।
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किशनपुर गाँव में एक मन्दिर था। मन्दिर में काली माता की मूर्ति स्थापित की गई थी। गाँव वाले काली माता के मन्दिर को बहुत मानते थे। ऐसा कोई दिन नहीं जाता था, जिस दिन लोग उस मन्दिर में दर्शन करने न जाएँ और माता का आशीर्वाद न लें।
नवरात्रों में उस मन्दिर में विशाल मेला लगता था।
एक दिन मन्दिर में एक अजीब-सी घटना हुई। सवेरे जब लोग मन्दिर में दर्शन करने गये तो मातारानी की नाक से नथनी गायब थी। सभी लोग सोचने लगे कि ऐसा कौन कर सकता है? पर कुछ पता न चला।
अगले दिन जब सवेरे लोग दर्शन करने आये तो मातारानी के शरीर के ऊपर से कपड़े गायब थे। लोगों ने काफी खोजबीन की लेकिन कुछ पता ना चला। वहाँ पर सभी लोग एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। उसी गाँव में रहने वाले रामदीन ने एक उपाय सोचा। वह रात को मन्दिर के बगल में छुपकर बैठ गया।
रात में उसने देखा एक महिला आयी। महिला ने इधर-उधर देखा और मन्दिर में प्रवेश कर गयी। महिला कह रही थी, "माता! मुझे माफ कर देना। आज मैं तुम्हारे पास से पैसे चुराकर ले जाऊँगी। मेरे घर पर खाने के लिए कुछ नहीं है। मेरा जीवन तुम्हारे भरोसे है।"
ऐसा कहकर महिला ने मातारानी के दान पात्र में रखे पैसे निकालने लगी। तभी रामदीन तेजी से उसके पास आया और हाथ पकड़कर बोला, "अच्छा! तो तुम हो चोरनी... अरे! सभी लोग जल्दी आओ! मैंने चोर को पकड़ लिया है।" गाँव के लोग शोर सुनकर जाग गये और भागकर आये। लोगों ने कहा, "तो तुम हो चोर! इस मन्दिर से रोज चोरी करके सामान ले जाती हो?" उस महिला ने उत्तर दिया, "हाँ! मैं ही हूँ। मगर उसके पीछे मेरी मजबूरी थी। कई दिन से मेरे घर में खाना नहीं बना था। मेरे बच्चे भूखे थे। पति का कोई पता ठिकाना नहीं है। मैंने कई जगह कम माँगा, पर काम न मिला, तब मजबूरी में मैंने एक कदम उठाया। आप लोग मुझे माफ कर दीजिए।" जब लोगों ने उसकी बात सुनी तो सबको बहुत दुःख हुआ। सबने कहा, "बहन! तुम चिन्ता मत करो! हमें पता नहीं था, जितना हो सकता है, हम तुम्हारी मदद करेंगें, पर तुम कभी चोरी मत करना।"
सभी गाँव वालों में उस महिला को खाने-पीने का सामान दिया और भी कई चीजें दीं। महिला बहुत खुश थी। जाते-जाते सभी गाँव वालों ने कहा, "बहन! जब भी जरूरत हो, यहाँ आ जाना। हमारे गाँव पर मातारानी का आशीर्वाद है। हम तुम्हारी जरूर मदद करेंगें।" ऐसा कहकर सभी गाँव वालों ने मातारानी का जयकारा लगाया। काली मैया की जय।.........
#संस्कार_सन्देश -
विपत्ति में भगवान ही मुसीबत से निकालते हैं। इसलिए हमें बड़े-बूढ़ों, गुरु, मात-पिता और ईश्वर को कभी नहीं भूलना चाहिए। ये हमारे सहायक हैं।
कहानीकार -
#शालिनी (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय- कूँड़।
विकास क्षेत्र- करहल
जनपद- मैनपुरी (उ०प्र०)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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