15/2026, बाल कहानी - 04 फरवरी
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 14/2026
*04 फरवरी 2026 (बुधवार)*
#बाल_कहानी - #लालच_बुरी_बला_है
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राजू और श्यामू दो भाई थे। दोनों मजदूरी करके जीवन यापन करते थे। राजू बड़ा लालची था। वह हमेशा अधिक से अधिक पैसा कमाने की जुगाड़ में रहता था। श्यामू हमेशा उसे समझाता कि, "अधिक लालच अच्छा नहीं होता है।" पर रामू उसकी बात न सुनता था। साथ ही साथ अपने मजदूरी से प्राप्त रुपए को खाने पीने में उड़ा देता था। उधर श्यामू मजदूरी करके धीरे-धीरे पैसे एकत्रित करता है और एकत्रित पैसों से ताँगा ले लेता है। अब उसके पास काफी पैसे एकत्रित होने लगते हैं।
रामू अपने भाई से मदद माँगता है तो श्याम उसको भी एक ताँगा खरीद कर दे देता है और उसे समझाता है कि, "अब अपना कार्य ईमानदारी से करना और ज्यादा लालच के चक्कर में न रहना।"
अब दोनों के पास एक एक ताँगा था। श्यामू अपने घोड़े की खूब देखभाल करता और उसे खिला-पिलाता भी था। उधर रामू अपने घोड़े से रात-दिन काम लेता और उसकी देखभाल भी नहीं करता था। इस कारण घोड़ा बहुत ही कमजोर हो गया था।
श्यामू ने समझाया कि, "रामू! इसे कल सुबह अस्पताल ले जाओ! दवा खिलाओ और देखभाल करो। कुछ दिन इससे काम मत लेना।"
उधर सुबह उठते ही रामू ने अपने भाई की बात न मानी और लालच में ताँगे पर आवश्यकता से अधिक दोगुना वजन रख दिया, जिसके कारण घोड़ा गिरकर वहीं मर गया। रामू को बहुत पछतावा हुआ।
रामू की आँखों से आँसू बहने लगे। वह समझ गया कि लालच बुरी बला है। यदि आज लालच नहीं किया होता तो आज यह घटना घटित नहीं होती।
#संस्कार_सन्देश -
हमें सदैव ईमानदारी से कार्य करना चाहिए और लालच कभी नहीं करना चाहिए। लालच के कारण हम अपना ही अहित कर लेते हैं।
कहानीकार-
#मृदुला_वर्मा (स०अ०)
प्रा० वि० अमरौधा प्रथम
अमरौधा (कानपुर देहात)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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