24/2026, बाल कहानी- 14 फरवरी

#दैनिक_नैतिक_प्रभात- 24/2026
*14 फरवरी 2026 (शनिवार)*
 #बाल_कहानी - #शिक्षक_का_अनुशासन
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यह कहानी सत्य घटनाओं पर आधारित है। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में शासकीय प्राथमिक विद्यालय बुढ़नपुर है। वहाँ विजेन्द्र सिंह पटेल नाम के एक ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी अनुशासन की सीख हर बच्चे में देखने को मिलती है। वह कई वर्षों से शासकीय प्राथमिक शाला बुढ़नपुर में पदस्थ हैं और शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक कर रहे हैं। उनके विद्यालय के सारे बच्चे समय पर स्कूल पहुँच जाते हैं और समय पर अपने-अपने कक्षा में बैठकर पढ़ाई कार्य में लग जाते हैं। पटेल जी हर बच्चे को उचित शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। कुछ वर्षों तक उन्होंने अकेले ही पाँच कक्षाओं को एक साथ पढ़ाया-लिखाया और बच्चों में अनुशासन और नैतिक शिक्षा का ज्ञान दिया, जिससे सभी बच्चे अनुशासित हुए। वर्तमान में अब वहाँ तीन शिक्षक पदस्थ हैं, स्वयं विजेन्द्र सिंह पटेल जी (सहायक शिक्षक) श्रीमती मोंगरा बाई कंवर (प्रधान पाठिका) और मैं। विजेन्द्र सिंह पटेल जी शिक्षा के प्रति समर्पण की भावना रखते हैं। वे हर बच्चे को बहुत अच्छी तरह से शिक्षा दे रहे हैं। उनके विद्यालय में रहने पर कोई भी बच्चा समय से पहले बाहर नहीं निकलता। हर कार्य समय के आधार पर होता है। लघु अवकाश पर बच्चे बाहर निकलते हैं और स्वत: अपनी कक्षाओं में चले जाते हैं। इस तरह से वहाँ की शिक्षा व्यवस्था बहुत ही सराहनीय है। सारे बच्चे पढ़ाई कार्य में संलग्न हैं और प्रतिदिन विद्यालय जाते हैं। वहाँ बच्चों की उपस्थिति पन्चानवें प्रतिशत है। बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देना गतिविधि आधारित शिक्षा देना और बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक संस्कार प्रदान करना विद्यालय के सभी शिक्षकों के द्वारा प्रतिदिन दिया जाता है। कक्षा तीसरी से पाँचवीं तक के बच्चे कहानी और अनुच्छेद को धारा प्रवाह से पढ़ते हैं। कक्षा पहली और दूसरी के बच्चे बारहखड़ी पढ़ लेते हैं और दो-दो, तीन-तीन अक्षरों को जोड़ कर पढ़ लेते हैं। गणित के प्रमुख संक्रियाएँ जोड़ना-घटाना और गुणा-भाग को कक्षा चौथी और पाँचवीं के बच्चे सरलता से कर रहे हैं।
विजेंद्र पटेल जी हर एक बच्चे को शिक्षा देकर सभी बच्चों के ज्ञान में वृद्धि कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि शिक्षा बिना जीवन दुर्लभ है। वे हर महीने पालकों का बैठक लेते हैं और बच्चों के प्रगति के बारे में पालकों से चर्चा करते हैं। गृहकार्य को घर में पूरा करने के लिए माता-पिता को बच्चों का सहयोग करने के लिए बोलते हैं। बच्चों के माता-पिता भी अपने बच्चों का सहयोग करते हैं। विजेन्द्र सिंह पटेल जी इस प्रकार बच्चों को सही शिक्षा दे रहे हैं।
विजेंद्र सिंह पटेल जी के अनुशासन ने बच्चों को अनुशासित किया है, जिससे बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता में वृद्धि हुई और सभी बच्चों का मन शिक्षा के प्रति समर्पित है।

#संस्कार_सन्देश - 
हमें अपने विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा और अनुशासन को ज्यादा महत्व देने होंगे, जिससे बच्चों का शिक्षा के प्रति लगाव हो।

कहानीकार-
#प्रेमलाल_किशन (स०शि०)
शासकीय प्रा० वि० बुढ़नपुर
संकुल केन्द्र- गहरीनमुड़ा 
विकास खण्ड व जिला-सक्ती, छत्तीसगढ़ 

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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