26/2026, बाल कहानी- 17 फरवरी
#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 26/2026
*17 फरवरी 2026 (मंगलवार)*
#बाल_कहानी - #टूटना_भ्रम_का
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सोनू और शारदा मन में गर्व का भाव लिए बैठे थे। वे जानते थे कि विद्यालय में कुछ भी गतिविधि होगी, उनके बिना सम्पूर्ण हो ही नहीं सकती,
मधु मेम ने कल कहा था कि, "अध्ययन टूर जाना है, जो बच्चे जाना चाहे, वह अपने घर से कल अनुमति पत्र ले आयेॅ।"
दोनों ने एक-दूसरे को आँखों ही आँखों में देखकर कहा, "ले आएँगे ये अनुमति वनुमति पत्र, कल वल में, इतनी जल्दी भी क्या है, हमारे बिना कोई काम यहाँ पूरा होता ही कहाँ है?"
अब यह लोग जानते ही कहाँ थे कि एक शिक्षक निर्माता होता है! वह यदि अपनी पर आ जाए तो खोटा सिक्का भी चमकदार मुद्रा में परिवर्तित कर देता है।
आज कुछ बच्चे अनुमति पत्र ले आये और मधु मैम ने उन्हीं में से सात बच्चों का चुनाव कर लिया, उतरे मुख से दोनों ने आकर कहा, "मैम! हमको भी तो चलना था।"
"कहाँ? आपने तो मुझसे कुछ भी नहीं कहा, न अनुमति पत्र लेकर आये, न ही किसी तरह का उत्साह दिखाया।"
दोनों सिर झुकाए खड़े रह गए। मैम ने मुस्कुराते हुए दोनों के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा, "एक सबक आप दोनों हमेशा याद रखना- हारा हुआ हमेशा हारता ही नहीं रहेगा, यदि वह प्रयास करता रहे। जीता हुआ हमेशा जीतता नहीं रहेगा, यदि वह प्रयास करना छोड़ दे।"
मैम का कहा दोनों को अच्छी तरह से समझ में आ गया और "जी मैम" कहकर सिर झुकाकर वहाँ से हट गए।
#संस्कार_सन्देश -
बच्चों को मानसिक विकारों से सर्वथा दूर रहना चाहिए, अन्यथा ये उनकी उन्नति में बाधक सिद्ध होते हैं।
कहानीकार-
डॉ० #कामायनी_शर्मा
पी० एम० श्री कम्पोजिट विद्यालय औरोताहारपुर, ककवन, कानपुर नगर
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात
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