अबकी होली में
एक भोजपुरी गीत.......
(आकाशवाणी, गोरखपुर से मेरी आवाज में प्रसारित)
अबकी होली में आइब जरूर गोरिया,
तोहसे रँगवा छोड़ाइब जरूर गोरिया।
सरसों क फुलवा त झरि गइल होई,
रेड़वा क पेड़वा त गड़ि गइल होई।
तोहे फगुआ सुनाइब जरूर गोरिया................
धानी रंग चूनर लाइब लाल रंग चोली,
प्रेम रंग लेके आइब खेलब हम होली।
तोहसे बुकवा लगवाइब जरूर गोरिया..............
घरवा बड़ेर पर बोली जब कउआ,
तब जानि जाये आइब हम गउवां।
तोसे गोझिया बनवाइब जरूर गोरिया..............
छोटके लरिकवा के नरखा ले आइब,
बड़के के खातिर ए गो जांघिया ले आइब।
तोहके झुमका ले आइब जरूर गोरिया.............
अबकी होली में आइब जरूर गोरिया,
तोहसे रँगवा छोड़ाइब जरूर गोरिया।
रचयिता
डॉ० प्रभुनाथ गुप्त 'विवश',
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेलवा खुर्द,
विकास खण्ड-लक्ष्मीपुर,
जनपद-महराजगंज।

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