90/2025, बाल कहानी- 19 मई


बाल कहानी - समय का सदुपयोग
----------------
सोहन और मोहन दो भाई थे। दोनों में बहुत प्रेम था। दोनों भाई अपने माता-पिता का कहना मानते और उनकी आज्ञा का पालन करते थे। उनकी माँ ने उन्हें समय के सदुपयोग के बारे में समझाकर कहा कि, "बेटा! जो लोग समय का सदुपयोग करते हैं। वे अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकते हैं तथा अपने कौशलों को विकसित करने के लिए समय निकाल सकते हैं। समय के सदुपयोग से जीवन में सन्तुलन बनाने में मदद मिलती है। अपने आप निर्णयों को अधिक सोच-समझकर उन्हें प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकते हैं। समय के सदुपयोग से हम अपने जीवन को अधिक सुखी और सफल बना सकते हैं।"
         माँ की बात को दोनों बच्चे ध्यानपूर्वक सुन रहे थे। दोनों ने यह निर्णय लिया कि हम भी समय का सदुपयोग कर अपने लक्ष्य की प्राप्ति करेंगे। दोनों हमेशा समय पर उठकर हाथ-मुँह धोकर ईश्वर को प्रणाम कर नाश्ता करते। वे हमेशा साफ होकर समय पर स्कूल जाते। स्कूल में सभी अध्यापक एवं बच्चे उन्हें अच्छा मानते।

#संस्कार_सन्देश - 
समय के सदुपयोग से हमें नियमितता एवं अनुशासन की शिक्षा मिलती है, जो हमारे जीवन में सफलता के लिए आवश्यक है।

कहानीकार-
दमयन्ती राणा (स०अ०)
रा० उ० प्रा० वि० ईड़ाबधाणी
वि० ख० कर्णप्रयाग, चमोली 
           (उत्तराखण्ड)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

Comments

Total Pageviews