बुद्ध पूर्णिमा

 बुद्ध पूर्णिमा आज मनाएँ

समता भाव में रंग नहाएँ।

सत्य मार्ग को थाम बढ़ें हम

करुणा-दया का दीप जलाएँ।


चरणों में जिसके शांति विराजे

वाणी से अमृतधारा बहाएँ।

मोह-माया के बंधन तोड़ें

बुद्ध के रंग में सब रंग जाएँ।


अहंकार को दूर करें हम

द्वेष-राग को चलो मिटाएँ।

प्रेम-प्रकाश से मन जगमग

सच्चे भावों को मन में जगाएँ।


ध्यान, धैर्य, सम्यक जीवन

बुद्ध ज्ञान पुनः फैलाएँ।

दुख की जड़ को जान कर 

निर्वाण की ओर कदम बढ़ाएँ।


चलो बनें हम दीप उजाले

अंधकार को ऐसे हराएँ।

बुद्ध पथ पर चलकर

जीवन उपवन फिर महकाएँ।


बुद्ध पूर्णिमा आज मनाएँ

मन-वचन-कर्म शुद्ध बनाएँ।

करुणा, मैत्री और समता से

सत्यपथ पर कदम बढ़ाएँ।


रचयिता
डॉ0 निशा मौर्या, 
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मीरजहांपुर,
विकास खण्ड-कौड़िहार-1,
जनपद-प्रयागराज।

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