महिला सशक्तीकरण विशेषांक-329
*👩👩👧👧महिला सशक्तीकरण विशेषांक- 329*
*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष और सफ़लता की कहानी*
दिनांक- 29.05.2025
नाम :- किरन
पद :- सहायक अध्यापक
विद्यालय :- उच्च प्राथमिक विद्यालय निवाली, बागपत
*सफलता एवं संघर्ष की कहानी :-*👉
मेरी मां का नाम श्रीमती गोदा है।पिता का नाम स्वर्गीय श्री गोविन्द दास मेरा गृह जनपद झांसी मेरी विशेष रुचि विज्ञान में थी । लेकिन उस समय समाज में लड़कियों को दूर विद्यालय में भेजना बुरा माना जाता था। इसलिए मेरे माता-पिता ने मुझे कला वर्ग से ही पढ़ाया। इसके पश्चात मेरी समाजशास्त्र में रुचि हुई परंतु आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला इंटरमीडिएट में ही शादी कर दी गई पति इंडियन नेवी में थे सासू मां पति के साथ चिल्का में 16 वर्ष रही इस बीच मैंने बी ए, एम ए, b.Ed विशिष्ट बीटीसी की इस दौरान मेरे दोनों बच्चे भी पैदा हुए पढ़ाई के साथ-साथ रिश्तों को निभाना सासू मां को खुश रखना घरेलू महिला की सभी उत्तरदायित्व निभाने सासू मां के कहने पर सिलाई सीखना। कढ़ाई बुनाई सीखना। भजन कीर्तन रंगोली में रुचि लेना । एक अच्छी बहु ,अच्छी पत्नी, अच्छी मां ,बनने के लिए पूरे उत्तरदायित्व निभाने फिर रात भर नींद ना आना की ,क्या यही जिंदगी है? यह प्रश्न मुझे परेशान करता फिर चोरी से पढ़ाई करना प्रेरक कहानी पढ़ना। अपने आप को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास करते रहना। पढ़ाई नहीं रुकी पूरी पढ़ाई की नेट का परीक्षा भी दी नवोदय विद्यालय कभी और केंद्रीय विद्यालय के केंद्रीय विद्यालय में सिलेक्शन होने के पश्चात दूर जाने के कारण नहीं गई और केंद्रीय विद्यालय वहीं पर चिल्का में अस्थाई रूप से पढ़ने लगी फिर 2001 में विशिष्ट बीटीसी को पास किया परंतु बच्चों की वजह से बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इस वजह से ज्वाइन नहीं किया फिर 2004 में विशिष्ट बीटीसी ज्वाइन किया और 2005 में प्राथमिक विद्यालय बमोरी सर जिला ललितपुर में प्रथम नियुक्ति मिली। पति उड़ीसा में कार्यरत थे। मैं दोनों बच्चों और सासू मां के साथ 8 वर्ष तक झांसी में रही और दोनों बच्चों की पढ़ाई सासू मां का स्वास्थ्य सारी जिम्मेदारियां को निभाते हुए नौकरी करना मेरे लिए बहुत बड़ा चैलेंज था। रात को 3:00 बजे उठकर सारे काम निपटाना और इतना होते हुए ,भी मैंने कभी हार नहीं मानी खुशी-खुशी कार्य करती थी । क्योंकि मैं आत्मनिर्भर थी। इसी बीच एक लड़की को मैंने अपने घर में रखा और वह मेरे घर में काम करती थी मैं उसे पढ़ती थी और वह मेरे बच्चों के साथ खेलती थी। और यही से मेरी समाज सेवा शुरू हो गई 2008 में उसे लड़की का भविष्य बना दिया 2011 में सासू मां का देहांत हो गया ।2012 में दिल्ली के नजदीक बागपत में स्थानांतरण हो गया मेरे पति भी स्थानांतरण लेकर दिल्ली आ गए अब मेरी बच्चे दिल्ली में अध्यनरत हो गए और मैं दिल्ली से बागपत स्कूल आने लगी 2014 में मैं कामवालियों के बच्चों को शाम 5:00 बजे से 6:30 तक निशुल्क पढ़ना शुरू किया covid आने पर उनकी पढ़ाई बंद हुई। अब 2022 से विद्यालय उपरांत कमजोर बच्चों को उप्रचारात्मक शिक्षक देता हूं। इस संघर्ष में मुझे आनंद आता है जब मुझे सफलता मिलती है । बहुत ही आनंद आता है।
* प्रथम नियुक्ति : 29/12/2005
* समाज सेवा में शुरुआत : 2008
* वर्तमान नियुक्ति : उच्च प्राथमिक विद्यालय निवाली कंपोजिट बागपत
* वर्तमान कार्य क्षेत्र : देहली, बागपत
* प्रारंभिक परिचय : गृह जनपद झांसी पूर्ण अध्ययन झांसी एम ए ,बीएड,
* विद्यालय जीवन की समस्याएं : नामांकन कम, बालिकाओं से सम्बन्धित समस्याएं, विद्यालय का भौतिक विकास।
* समाधान : व्हाट एप्प ग्रुप बना कर विद्यालय की कार्य दिखाना, जिससे छात्रा नामांकन बढें। समय-समय पर अभिभावकों को बुलाकर उन्हें विद्यालय की सुविधाओं से अवगत कराना
विद्यालय में कराए जाने वाली कार्य बच्चों का रिजल्ट अच्छा दिखाना बाली बालिका शिक्षा पर अधिक जोर देना महिलाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते रहना विद्यालय में श्रमदान करना पेड़ पौधे लगाना साफ सफाई रखना
स्वयं के जीवन के संघर्ष : कम उम्र में शादी होना शादी के पश्चात पूरी पढ़ाई करन। परिवार के पूरे उत्तरदायित्व निभाने हुए, शिक्षण कार्य करना।
* सफलताएं : -
☆मिशन शिक्षण संवाद पर लगातार 5 वर्षों से कार्य करना
☆प्रतिवर्ष पुरस्कृत होना
☆जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग से छह बार पुरस्कृत होना
☆राज्य पुरस्कार हेतु चयनित होना
☆एसआरजी बालिका शिक्षा
*कार्यक्षेत्र की सफलता : -
☆समाजसेवी संस्था ग्वालियर से पुरस्कृत
☆महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में भाग लेने की से पुरस्कृत
स्वयं की उपलब्धियां: -
☆बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कई बार सम्मानित
☆एनसीईआरटी में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का सौभाग्य
☆कहानी संग्रह कहानी संग्रह रिमझिम में मेरी कहानियों का संकलन। हौसला पुस्तक में मेरी कविताएं ।
* मिशन शिक्षण संवाद के लिए संदेश : - यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसमें सभी छिपी हुई प्रतिभाएं प्रतिभा कर अपने आप को दिखाने का मौका दिया जाता है। मिशन शिक्षण संवाद को में तहे दिल से धन्यवाद देती हूं।
_✏संकलन_
ज्योति कुमारी (शक्ति संवाद)
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद।*
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