६२९~ अनमोल रत्न राकेश कुमार सिंह प्रा०वि० रखवां, मड़ियाहूं, जौनपुर, उत्तर प्रदेश
🏅 #अनमोल_रत्न🏅
👉1..शिक्षक का परिचय
नाम- राकेश कुमार सिंह (स०अ०)
वर्तमान विद्यालय- प्रा०वि० रखवां, मड़ियाहूं, जौनपुर, उत्तर प्रदेश
प्रथम नियुक्ति : 17/08/2009
👉2- विद्यालय को उत्कृष्ट बनाने के प्रयास :
A- स्वयं के प्रयास : सर्वप्रथम प्राथमिक विद्यालय जिवली, ठेकमा, आजमगढ़ में सन् 2010-2018 तक के अपने कार्यकाल में विद्यालय को जनपद का प्रथम स्मार्ट स्कूल घोषित किया गया, इस क्रम में विशेष तौर पर विद्यालय के कायाकल्प हेतु स्मार्ट कक्षा-कक्ष का साज-सज्जा करवाना, बाला पेंटिग, सूटिंग रेंज, स्वरचित बाल कविताओं के माध्यम से छात्रों का शैक्षिक संवर्धन करना, अभिभावकों से संपर्क कर नामांकन में उत्तरोत्तर वृद्धि करना। हमने इस विद्यालय को एक स्मार्ट स्कूल के रूप में बनाकर नए स्कूल प्राथमिक विद्यालय हरिरामपुर पर स्थानांतरित हो गए। अब इस विद्यालय को भी हमने उसी सफ़लता के मूलमंत्र से प्रारंभ किया और स्मार्ट स्कूल बनाकर 5 वर्षों में पुनः नए स्कूल के लिए आगे बढ़ गए और अब प्राथमिक विद्यालय रखवा में पहुंचे हैं जहां पुनः हमें शुरू से प्रारंभ करना है।
B- अन्य शिक्षकों के सहयोग से :
1. कोविड 19 के दौरान शिक्षकों के सहयोग से घर-घर शिक्षा पहुंचाने में सहयोग मिला।
2. भाषाई कौशल विकास हेतु बच्चों में काव्य गोष्ठी एवम् वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित करवाने में सहयोग मिला।
3. अभिनय कौशल वृद्धि हेतु लघु फिल्म निर्माण में सहयोग मिला।
4. टी०एल०एम० निर्माण एवम् गतिविधि आधारित शिक्षण में सहयोग प्राप्त हुआ।
C- जनप्रतिनिधि के सहयोग से : विद्यालय में कायाकल्प में स्थानीय लोगों का सहयोग जिसमें ग्रीन बोर्ड, sound system, ड्रम जैसे सामान उपलब्ध कराया गया।
D- शासन के सहयोग से : कायाकल्प के अंतर्गत 16 पैरामीटर पूर्ण किया गया। इसमें अतिरिकत कक्षा कक्ष की उपलब्धता कराई गई।
E- जन सहभागिता से : पर्यावरण संरक्षण के अन्तर्गत विद्यालय को ग्रीन स्कूल कांसेप्ट को पूर्ण किया गया।
F- अन्य सहयोग से : न्याय पंचायत खपरहा द्वारा शिक्षकों ने TLM बनाने व बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास हेतु विभिन्न लघुनाटीका व फिल्मों का निर्माण किया गया। जिसमें ग्रामवासियों व अभिभावकों का सहभाग और सहयोग रहा।
👉3- किए गये प्रयासों का परिणाम :
A- प्रयास से पहले और प्रयास के बाद नामांकन- प्रयास से पहले प्राथमिक विद्यालय जीवली में 137 से बढ़कर 247 हो गए। बच्चों में समय पर विद्यालय आने की आदत डाली गई।
B- वर्तमान उपस्थिति का प्रतिशत - 85%
C- प्रतियोगिताओं में सफल छात्रों की संख्या - खेल-कूद, सांस्कृतिक, शैक्षिक व अन्य प्रतियोगिताओं में छात्रों का प्रतिभागिता बढ़ी।
👉4- विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ :-
A- विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त पुरस्कार विवरण : न्याय पंचायत व ब्लॉक स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करना।
B- विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का विवरण :
नवोदय - 2
भारत संस्कार परिषद - 3
खपरहां शैक्षिक परिक्षा - 6
C- विद्यार्थियों की अन्य उपलब्धियाँ :
👉5 - विद्यालय की प्रेरक शिक्षण, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं खेलकूद गतिविधियाँ :-
बच्चों द्वारा काव्य गोष्ठी में online व offline प्रतिभागिता
Covid १९ के समय बच्चों द्वारा सामाजिक जिम्मेदारियों को निर्वाहन करना जो एक जागरूक नागरिक बनाने में सहायक है।
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👉6 - शिक्षकों और विद्यालय की उपलब्धियाँ :-
A- शिक्षकों के स्वयं के सृजित नवाचारों का विवरण :-
•स्वरचित बाल कविताओं के माध्यम से सरलतम तरीके से बच्चों को निपुण बनाना।
• बच्चों में भाषाई कौशल के विकास हेतु लघुनाटिका का मंचन करना।
• अभिनय कौशल व आत्मविश्वास जागृत करने के लिए बालफिल्मों का निर्माण किया गया जैसे - हमार बिटिया हमार मान, बालसेना, सरजी।
• जनपद में विद्यालय को एक A+ श्रेणी में स्थापित करना।
B- शिक्षकों के विभिन्न सम्मानों एवं पुरस्कारों विवरण
•उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित
•अखिल राज्य ऑनलाइन काव्य संगोष्ठी परवाज़ के काव्य मंच द्वारा सम्मानित।
•काव्यधारा काव्य पुस्तक प्रवाह में कविता प्रकाशित।
• बालसेना फिल्म को मुंबई फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कृत किया गया।
•शिक्षक दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी जौनपुर द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित।
•ब्लॉक स्तरीय एवम् जनपद स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में सम्मानित।
•मिशन शिक्षण संवाद द्वारा आयोजित काशी कार्यशाला में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित।
•बेसिक शिक्षा में फिल्मों के माध्यम से नवाचार करने के लिए जिला बेसिक अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल जी द्वारा सम्मानित।
• AIPTF के द्वारा नवाचार के क्षेत्र में सम्मानित।
C- शिक्षकों की अन्य उपलब्धियाँ :
👉7 - मिशन शिक्षण संवाद के लिए सुझाव या संदेश :
शिक्षकों के शैक्षिक विकास हेतु कार्यक्रम जनपद स्तर पर आयोजित होना चाहिए।
👉8 - शिक्षक समाज के लिए सुझाव या संदेश :-
शिक्षक एक दूसरे की ताकत बनें न कि कमजोरी।
सभी लोगों को टीम भावना से कार्य करने के प्रेरित करें।
👉9- संकलन एवं सहयोग
ब्लॉक स्तर पर MSS के दैनिक पोस्ट को साझा करना व उसके लाभ से बच्चों और शिक्षकों को लाभान्वित करना।
नाम: राजेश उपाध्याय एडमिन
मिशन शिक्षण संवाद परिवार (जौनपुर)



































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