काव्यांजलि
*#काव्यांजलि*
टीम # *मिशन शिक्षण संवाद* की ओर से कविताओं का नया संग्रह,
🔵🔴 *#काव्यांजलि_2131* 🔴🔵
दिनांक- शनिवार, 17.02.202~~~~~
कक्षा-02 विषय- हिन्दी
पाठ-02
*मेला*
अपने माता-पिता के साथ,
मेला घूमने निकली श्याम आज।
देखो कितना सुन्दर सजा बाजार,
रंग-बिरंगे खिलौने हजार।।
नए कपड़ों को पहन,
श्यामा बहुत इतरायी।
माँ ने भी पहनी साड़ी नई,
सबको खूभ थी भायी।।
मेला में पकड़े रहना अँगुली,
बाबा ने था बताया।
बर्फी समोसा पेड़ा खाकर,
पेट सबका था भर आया।।
जादूगर का देखो खेल,
चलती गाड़ी हो गयी रेल।
झूला सबने था झूला,
खेला था बन्दूक का खेल।।
*रचना:-*
सुधांशु श्रीवास्तव (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय मणिपुर
ऐरायां, फ़तेहपुर
✏️ *संकलन*
📝 *काव्यांजलि टीम,*
*मिशन शिक्षण संवाद*
# *काव्याँजलि*#
टीम *मिशन शिक्षण संवाद* की ओर से कविताओं का नया संग्रह
🔵🟣 *काव्याॅंजलि 1055* 🟣🔵
दिनाँक- 17/02/2024, दिन- शनिवार
कक्षा-7
विषय– हिन्दी
*पाठ-12* *भोर और बरखा*
जागो! मेरे प्यारे कान्हा,
जागो! वंशी वाले कान्हा।
भोर हुई है, रात बीती,
खुल गये हैं घर-घर दरवाजे।।
गोपी-ग्वाल कोलाहल करते,
माखन रोटी हैं हाथ में लेते।
गऊ वन की करते रखवारी,
हम आए प्रभु शरण तुम्हारी।।
देखो! बरसें घन सावन में, रिमझिम-रिमझिम मनभावन में।
मन मेरा हर्षित होता तब,
खबर सुनी प्रभु आने की जब।।
नन्हीं-नन्हीं देखो बूँदें हैं बरसी,
शीतल पवन है आवन की।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
सुमंगल गीत गावन की।।
🙏रचना
देवेश्वरी सेमवाल (स०अ०)
रा० उ० प्रा० वि० कान्दी
क्षेत्र-अगस्त्यमुनि, रुद्रप्रयाग।
📝 *काव्याँजलि टीम, मिशन शिक्षण संवाद- उत्तराखण्ड*

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