चलो-चलो स्कूल चलो

चलो-चलो रे साथी स्कूल चलो,

फिर सब पढ़ने को स्कूल चलो।


गर्मी का अवकाश खत्म हुआ,

विद्यालय आने का समय हुआ।


विद्यालय में पठन-पाठन होगा

सुंदर उपयोगी मनोरंजन होगा।


विद्यालय में हम सब योग करेंगे,

विद्यालय आने से अब न डरेंगे।


कक्षा में सजे चित्र कितने प्यारे,

शिक्षा पाते हम सब इनके सहारे।


शिक्षक गतिविधि तो खूब कराते,

नए-नए खेलों से हमको रिझाते।


पढ़ लिख के हम सब आगे बढ़ेंगे,

सफलता की सीढ़ियाँ हम चढ़ेंगे।


शिक्षा तो सबसे  अनुपम  निधि है,

सुखमय जीवन जीने की विधि है।


शिक्षा पाने को साथी स्कूल चलो।

चलो-चलो प्यारे साथी स्कूल चलो।।


रचयिता
ओम प्रकाश श्रीवास्तव,
सहायक अध्यापक, 
प्राथमिक विद्यालय उदयापुर, 
विकास खण्ड-भीतरगाँव,
जनपद-कानपुर नगर।

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