बालश्रम निषेध दिवस

आओ निर्माण करें हम सब मिलकर एक स्वस्थ भारत का

 बाल श्रम को दूर भगाएँ हो सृजन स्वस्थ समाज का

कानून बनाकर ही क्या पूर्ण हो गए कर्तव्य हमारे

 वक्त आ गया है इन पर अब सच्चाई से अमल करने का


गरीब ये नहीं हैं, गरीब हमारी मानसिकता है

इनका पेट भी नहीं भर सकते ये कैसी विवशता है

इनकी किस्मत मे ही क्यों भूख और बीमारी है

बालश्रम का उन्मूलन करके इन्हें रास्ता दो विकास का


मानते हो कन्या इन्हें, बाल गोपाल भी कहते हो

कितने नामों और उपनामों से पूजा इनकी करते हो

शोषण और यौन शोषण की बेड़ियों से निकाल इन्हें

अंधकार दूर करके इन्हें प्रकाश दो उजास का


बड़ी-बड़ी फैक्ट्री मे काम करते छोटे-छोटे लेबर

कहाँ गये हैं मानवधिकार के मानवीय तेवर

जन-जन मे जागरूकता और आंदोलन भरके

बाल अधिकार का आह्वान करके हक़ दो सम्मान दो


रचयिता

संगीता गौतम जयाश्री,

सहायक अध्यापक,

उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐमा,

विकास खण्ड-सरसौल,

जनपद-कानपुर नगर।



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