मकर संक्रांति पर्व

मकर संक्रांति का आया पर्व, कर लो गंगा में स्नान,

करो दान-पुण्य गरीबों में, कर्मों से होती है पहचान।

संक्रांति को अलग-अलग नामों से मनाया जाता है,

सूर्य देवता को अर्घ देकर मेला भी लगाया जाता है।।


उत्तर प्रदेश में बनती है घर में खिचड़ी आज,

नीले अम्बर में फर-फर पतंगें छूती हैं आकाश।

खाओ गजक चावल के लड्डू इसमें मिले तिल,

खाकर लड्डू बच्चे, बड़ों के खुश हो जाएँ दिल।।


रचयिता

शालिनी,

सहायक अध्यापक,

प्राथमिक विद्यालय बनी, 

विकास खण्ड-अलीगंज,

जनपद-एटा।

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