वर्ल्ड इमोजी डे

जब से आए इमोजी भैया,

जीवन सबका बदल गया।

खाली-खाली सन्देशों में,

नया रंग सा चढ़ गया।।


हुआ उदास जब भी कोई,

मुँह लटका कर दिखा दिया।

फीलिंग वेरी सैड का,

स्टेटस भी लगा लिया।।


खुशी को भी बाँटा सबसे,

इमोजी से दिल खोलकर।

सब कह दिया इमोजी ने,

कह न पाए जो बोलकर।।


बात-बात पर देते हैं अब,

थम्सअप और ताली।

बधाइयों का दौर भी चला,

इमोजी की बात निराली।।


रचयिता

ज्योति विश्वकर्मा,

सहायक अध्यापिका,

पूर्व माध्यमिक विद्यालय जारी भाग 1,

विकास क्षेत्र-बड़ोखर खुर्द,

जनपद-बाँदा।

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