लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

 लोकमान्य की उपाधि से सुशोभित 

 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के जनक।

 बहुमुखी प्रतिभा के थे धनी व्यक्ति,

 समाज सुधारक बाल गंगाधर तिलक।।


 गंगाधर रामचंद्र तिलक नाम पिता का,

 पार्वती बाई  माता का शुभ  नाम।

 विवाह हुआ  था तपिबाई से उनका,

 किये जीवन भर अतुलनीय काम।।


 जन्म हुआ महाराष्ट्र के रत्नागिरी में,

 संस्कृत इतिहास खगोल का ज्ञान था।

 आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने वालों में,

 पहली पीढ़ी में लोकमान्य का नाम था।।


 भारतीय संस्कृति की आदर्शों के प्रति,

 प्रयास कर नई दिशा प्रदान करें।

 हो विद्यार्थियों में गुणवत्ता का संचार,

 तिलक ने सोचा ऐसा कुछ काम करें।।


 संघर्षों को देखा जब उन्होंने,

 स्वशासन में जन भावना जगाई।

 केसरी और मराठा पत्रिकाओं ने,

 जनता में जागरूकता की अलख जगाई।।


 विदेशी वस्तुओं का किया बहिष्कार,

 ब्रिटिश सरकार का प्रचंड विरोध किया।

 जब गए जेल तो वहाँ लोकमान्य ने,

 श्रीमदभगवत गीता रहस्य का प्रणयन किया।।


रचयिता

गीता देवी,

सहायक अध्यापक,

प्राथमिक विद्यालय मल्हौसी,

विकास खण्ड- बिधूना, 

जनपद- औरैया।



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