विश्व बाल श्रम दिवस

छोटे-छोटे बच्चे करते हैं,

जब कहीं पर काम।

दिया गया उसको,

बाल मजदूरी का नाम।।


छोटे-छोटे हाथों में,

पेन कॉपी देना है।

पढ़ा लिखाकर इन बच्चों के,

जीवन को संजोना है।।


इनका जीवन बड़ा कठिन,

बड़ी होती है मजबूरी।

पढ़ने-लिखने की उम्र में,

बच्चे करते हैं मजदूरी।।


नन्हे-नन्हे बच्चों को ना,

करने देंगे बाल श्रम।

विश्व बाल श्रम में हम,

मिलकर लेते हैं कसम।।


रचयिता
शहनाज बानो,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय भौंरी -1,
विकास क्षेत्र-मानिकपुर,
जनपद-चित्रकूट।

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