80/2026, बाल कहानी- 02 मई
दैनिक नैतिक प्रभात - 80/2026
*02 मई 2016 (शनिवार)*
#बाल_कहानी- #महात्मा_बुद्ध_की_शिक्षा
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बौखर गाँव में तालाब के किनारे स्थित एक प्राथमिक विद्यालय है। आज वैशाख पूर्णिमा तिथि के दिन प्राथमिक विद्यालय बौखर में महात्मा बुद्ध की जयन्ती मनायी जा रही है। प्राथमिक विद्यालय बौखर के प्रधानाध्यापक श्री महेन्द्र कुमार सोनी जी ने महात्मा बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डालते हुये बताया कि गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक और एक महान आध्यात्मिक गुरू थे, जिनका मूल नाम सिद्धार्थ था। नेपाल के लुम्बिनी में जन्मे ये शाक्य वंश के राजकुमार थे, जिन्होंने सत्य की खोज में उन्तीस वर्ष की आयु में गृह त्यागकर छ: वर्ष की तपस्या के बाद बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया।
एक बार महात्मा बुद्ध अपने शिष्यों के साथ भ्रमण पर जा रहे थे। तभी अचानक उनको प्यास लगी। थोड़ी दूर चलने पर उन्हें एक तालाब दिखाई दिया। एक शिष्य जब पानी लेने तालाब पर जाता है तो वह गन्दा होता है। महात्मा बुद्ध उसे कुछ देर रूकने को कहते है। थोड़ी देर में गन्दगी बैठ जाती है और पानी साफ हो जाता है। महात्मा बुद्ध समझाते है कि, "मन भी ऐसा ही है। गुस्से में अशान्त होता है लेकिन समय और धैर्य से शान्त हो जाता है।"
#संस्कार_सन्देश-
गौतम बुद्ध की शिक्षाएँ करूणा, शान्ति, क्षमा और आत्म-ज्ञान का मार्ग दिखाती हैं। ये सरल किस्से जीवन की समस्याओं का समाधान मानसिक शान्ति, ध्यान और सकारात्मकता से करने की शिक्षा देते हैं।
कहानीकार-
#मिथुन_भारती (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय बौखर
वि०क्षे०- सरीला, जनपद- हमीरपुर (उ०प्र०)
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
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