महिला सशक्तिकरण विशेषांक-343

*महिला सशक्तीकरण विशेषांक- 343*




मिशन शिक्षण संवाद परिवार के बहनो के सफ़लता एवं संघर्ष की कहानी
(दिनांक -22.05.2026)
नाम - *डॉ० अर्चना सिंह*
पद - सहायक अध्यापक
विद्यालय - प्राथमिक विद्यालय विशुनपुरा चहनियां चंदौली
प्रथम नियुक्ति - 29/12/2015
योग्यता - एम ए, बीएड,बीटीसी,नेट, पीएचडी
संघर्ष एवं सफलता की कहानी - मेरा विद्यालय गांव के बीच में है जिससे अभिभावक हमेशा हावी रहते थे तथा बच्चे मनमाना आते जाते थे, उपस्थिति और ठहराव बहुत कम था। अभिभावक का कहना था मजदूरी में हाथ नहीं बताएंगे बच्चे तो खर्चा कैसे चलेगा,मैने अपनी कक्षा से शुरुआत किया बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और ठहराव के लिए ,प्रधानाध्यापक द्वारा कहा जाता था छोड़ दीजिए जो आए या न आए अभिभावक को विद्यालय भी नहीं बुलाते थे।पर मैं हार नहीं मानी जो बच्चे आते थे उनको जागरूक करना,गतिविधि कराना,नृत्य गायन,खेलकूद इत्यादि कराना अभावग्रस्त बच्चों की पुरस्कार स्वरूप मदद करना,अधिक उपस्थित बच्चे को पुरस्कृत करना इन सब कार्यों से धीरे -धीरे असर होने लगा। बच्चे स्वयं स्कूल आना शुरू कर दिए,कुछ समझदार अभिभावक को कक्षा गतिविधि में उनके बच्चे की प्रतिभागिता को उनके फोन पर भेजती थी जिसका असर होने लगा और corona में पूरा ऑनलाइन classes भी लेती थी उसके बाद से विद्यालय में बच्चे स्वयं और अच्छी संख्या में आने लगे और मेरी कक्षा के बच्चे बिना एप्लिकेशन के रुकते ही नहीं।हमारे कार्य की सराहना आरपी ,SRG द्वारा होती थी और डायट पर भी बुलाया जाने लगा,पर मेरे हेड को सब अच्छा नहीं लगता और वो मेरा सपोर्ट नहीं करते थे जो भी खर्च होता था मैं अपना स्वयं का करती थी,बच्चों के लिए लर्निंग कार्ड बनवाई,tlm का निर्माण, स्वछता अभियान में योगदान पुरस्कार सब मै खुद वहन करती हूं आज भी।कुछ सम्मानित शिक्षक और डायट के सर तथा ARP सर लोगों का पूरा सपोर्ट रहता है। मेरे द्वारा पढ़ाया हुआ छात्र का अटल आवासीय विद्यालय में चयन हुआ।खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। टीम मिशन शिक्षण संवाद शिक्षकों को एक सही दिशा निर्देश देते हुए उनकी प्रतिभा और योग्यता को निखारने का जो सराहनीय कार्य करता है,हम जैसे शिक्षक इसे अपना सौभाग्य समझे और नई ऊर्जा और उम्मीद के साथ बेहतर मार्गदर्शन में बेहतर कार्य करें।

_✏️संकलन_
*📝टीम मिशन शिक्षण शक्ति संवाद*

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