87/2026, बाल कहानी- 11 मई

#दैनिक_नैतिक_प्रभात - 
87/2026
*11 मई 2026 (सोमवार)*
#बाल_कहानी - #मदद
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राहुल अपनी अध्यापिका की बात को बड़े ध्यान से सुन रहा था वह कक्षा में बता रही थी कि, "अगर हम दूसरों की मदद करते हैं तो हमारे साथ भी अच्छा होता है।" साथ ही वे वृद्धा आश्रम के बारे में भी बात कर रही थी
राहुल कक्षा सात में पढ़ता था और बहुत ही होनहार छात्र था।
छुट्टी के बाद में अपने घर पर दादी-दादा के साथ के साथ खूब बातें करता था। प्रतिदिन विद्यालय में जो भी सिखाया जाता, वह उन्हें बताता था। स्कूल का काम पूरा करके शाम के समय वह अपने दोस्तों के साथ पास में बने बगीचे में खेलने जाता था। उसे याद आया कि वहाँ पर एक बूढी औरत बैठी रहती है लेकिन कुछ दिन से भी दिखाई नहीं दे रही थी।
एक रोज की बात है, जब वह बगीचे में खेल रहा था तो उसकी नजर उस रोती हुई बूढी औरत पर पड़ी। वह उनके पास गया और उससे पूछा, "आप क्यों रो रही है?" दादी ने उसे बताया कि, "वह बेसहारा है। उनके परिवार में और कोई नहीं। उन्हें भोजन के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है।"
उनकी बात सुनकर राहुल सोचने लगा कि कैसे उनकी मदद की जाए। तभी उसे याद आया कि उसकी अध्यापिका ने बताया था कि शहर में वृद्ध आश्रम होते हैं, जहाँ अनाथ वृद्ध लोगों की देखभाल अच्छे से होती है। वह उन्हें लेकर तुरन्त वृद्ध आश्रम ले गया और उनके भोजन और रहने की व्यवस्था करवाई। यह सब कर करते हुए राहुल को देर हो गई। जब वह घर पहुँचा तो उसके परिवार वालों ने देर से आने का कारण पूछा! राहुल ने सारी बात उन्हें बताई।
यह सुनकर घर वाले बहुत खुश हुए और उन्होंने उसकी प्रशंसा की

#संस्कार_सन्देश - 
हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए। जो दूसरों की मदद करते हैं, उसके साथ हमेशा अच्छा होता है।

कहानीकार-
#मृदुला_वर्मा (स०अ०)
प्रा० वि० अमरौधा प्रथम
अमरौधा (कानपुर देहात)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद 
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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