बच्चे चले स्कूल की ओर

चलो चलो भई चलो चलो 

बस्ता लेकर स्कूल चलो

भैया चलो बहना चलो 

हाथ पकड़ कर संग-संग चलो

कितने दिन में खुले हैं स्कूल

बच्चे गये हैं सब कुछ भूल

रोजी रोटी के चक्कर में 

न मोबाइल, न ही कुसूर 

छोडो़ खेत वेत के काम

जल्दी कर लो सारे काम

रोज स्कूल में आना है

संस्कारों को पाना है 

गुरु के पद चिह्नों में 

कोशिश कर चलके दिखाना है

छोटे भाई बहनों को भी

शिक्षा का महत्व बताना है

सारे नियम हम मानेंगे

भाषा और गणित को जानेंगे

अक्षर से अक्षर जोड़ेंगे

शब्दों से रिश्ता जोड़ेंगे

पुस्तक पढ़ना हम सीखेंगे

अंकों को जोड़ना सीखेंगे

धमाचौकड़ी खूब करेंगे

नियमों का पालन भी करेंगे

गरमागरम एम डी एम खाकर 

अपने भूखे पेट भरेंगे

सोशल डिस्टेंसिंग रह करके

मास्क लगाकर आएँगे

मामा नानी के घर अब

कभी नहीं हम जाऍंगे


रचयिता

रीता गुप्ता,

सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलेक्टर पुरवा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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