प्रयास कर लो घड़ी दो घड़ी
तर्ज- जिंदगी की न टूटे लड़ी
शिक्षण की न टूटे कड़ी,
प्रयास कर लो घड़ी दो घड़ी।।
रटने की प्रक्रिया को छोड़ो,
करके सीखने की विधि भली।
प्रयास कर लो .........
ऐसी शिक्षा का फायदा है क्या,
जिसमे गुणवत्ता न हो भरी।
वो पढ़ाई, पढ़ाई नहीं,
जिसमें गीत और कहानी न हो।
हो कहानी न हो।
बच्चों की खुशी है बड़ी,
प्रयास कर लो.........
वाचन कर ले थोड़ा सा जरा,
बोलने की क्षमता हो सफल।
शिक्षा का माहौल बनाएँगे हम,
पढ़ाई का भगाकर के डर।।
हो भगाकर के डर।
साक्षरता की मुझको पड़ी,
प्रयास कर लो .........
लाख आए परेशानी तो क्या,
परिश्रम से बड़ा कुछ भी नहीं।
देश के भविष्यों पर,
आए कोई मुसीबत नहीं।।
हो मुसीबत नहीं।
जीत जाएगी हर एक पीढ़ी,
प्रयास कर लो.........
शिक्षण की न टूटे कड़ी।
प्रयास कर लो घड़ी दो घड़ी।।
रचयिता
गीता देवी,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मल्हौसी,
विकास खण्ड- बिधूना,
जनपद- औरैया।

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